चंडीगढ़: हरियाणा में जेठ के महीने की तपिश अब आम जनमानस के लिए जानलेवा होने लगी है। हालत यह है कि दोपहर होते ही शहरों और गांवों की सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसर जाता है। आसमान से बरसती आग और तेज धूप के साथ चल रही धूलभरी गर्म हवाएं (लू) लोगों का बदन झुलसा रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की मानें तो प्रदेशवासियों के लिए असली अग्निपरीक्षा कल से शुरू होने वाली है, क्योंकि कल से ‘नौतपा’ की आधिकारिक शुरुआत हो रही है। नौतपा के इन नौ दिनों के दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे आने वाले दिनों में तापमान में भारी उछाल आने की पूरी आशंका जताई गई है। डॉक्टरों ने इस जानलेवा मौसम के दौरान डिहाइड्रेशन, अचानक चक्कर आने, उल्टी-दस्त और तेज हीट स्ट्रोक (बुखार) जैसी गंभीर दिक्कतों से बचने के लिए दोपहर के समय बिना किसी बेहद जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है।
☀️ मौसम केंद्र ने राज्य के 11 जिलों के लिए जारी की विशेष चेतावनी: सुबह 11 बजे से ही चल रहे हैं भीषण गर्म थपेड़े
प्रादेशिक मौसम केंद्र ने राज्य के दक्षिण और पश्चिमी हिस्सों में आज से ही तीव्र लू (Severe Heatwave) का प्रकोप और ज्यादा बढ़ने की बात कही है। मौसम विभाग द्वारा जिन 11 मुख्य जिलों के लिए विशेष ऑरेंज/रेड अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है, उनमें महेंद्रगढ़, मेवात, पलवल, रेवाड़ी, भिवानी, हिसार, चरखी दादरी, झज्जर, जींद, सिरसा और फतेहाबाद शामिल हैं। इन सभी मैदानी इलाकों में सुबह 11 बजे के बाद से ही आग उगलते गर्म थपेड़े चलना शुरू हो जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से विशेष अपील की है कि वे प्यास न लगने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में पर्याप्त पानी, नींबू पानी, छाछ या ओआरएस (ORS) का घोल लगातार पीते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) न होने पाए।
📱 रिकॉर्डतोड़ गर्मी का गैजेट्स पर भी दिखने लगा साइड इफेक्ट: स्मार्टफोन और लैपटॉप हो रहे हैं ओवरहीट, बैटरी डैमेज का खतरा
इस बार की रिकॉर्डतोड़ गर्मी और बढ़ते पारे का असर सिर्फ इंसानी शरीर और सेहत पर ही नहीं पड़ रहा, बल्कि आपकी जेब में रखे स्मार्टफोन और दफ्तर के कीमती लैपटॉप पर भी साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। अत्यधिक वातावरणीय तापमान के कारण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, स्मार्टफोन, लैपटॉप और पावर बैंक इन दिनों बहुत तेजी से ओवरहीट (गर्म) हो रहे हैं।
स्थानीय मैकेनिकों और तकनीकी जानकारों के मुताबिक, इस भीषण गर्मी की वजह से इन डिजिटल उपकरणों के अंदर लगी लिथियम-आयन बैटरी के फूलने, ब्लास्ट होने और हमेशा के लिए डैमेज होने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। कई शहरी इलाकों से यूजर्स द्वारा फोन की परफॉर्मेंस अचानक स्लो होने, स्क्रीन हैंग होने और डिवाइस के अपने आप बंद (थर्मल शटडाउन) होने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। इसलिए तकनीकी विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि अपने गैजेट्स को सीधी कड़क धूप वाले स्थानों पर चार्ज न करें और उन्हें धूप में खड़ी बंद गाड़ियों के भीतर बिल्कुल न छोड़ें।
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