मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 14 और 15 अक्टूबर को हरियाणा में ओलावृष्टि, आंधी-तूफान के साथ-साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक तेज हवाएं चल सकती हैं। इस खराब मौसम के कारण खेतों में खड़ी फसलों, बिजली के बुनियादी ढांचे और आम जनजीवन के प्रभावित होने की पूरी आशंका जताई गई है। आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में आज से ही बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जो बुधवार और गुरुवार को भी जारी रहेगा। इस दौरान 40 से 50 किमी/घंटा (झोंकों के साथ 60 किमी/घंटा तक) की गति से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है।
🌾 कृषि-प्रधान राज्यों के लिए चेतावनी, किसानों को खास सलाह
खरीफ की फसल की कटाई और खरीद के पीक सीजन के बीच हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों के लिए यह मौसमी चेतावनी बेहद महत्वपूर्ण है।
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फसलों की सुरक्षा: मौसम विभाग और प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं या तिरपाल आदि से अच्छी तरह ढककर रखें ताकि तेज हवाओं और बारिश से नुकसान से बचा जा सके।
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संभावित नुकसान: तेज हवाओं और ओलावृष्टि से न केवल खड़ी और बागवानी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, बल्कि बिजली-संचार की लाइनें और कमजोर संरचनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। पेड़ों की शाखाएं टूटने से राहगीरों और पशुधन के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है।
🌀 क्या है खराब मौसम की वजह?
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में यह बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण आ रहा है। यह पश्चिमी विक्षोभ वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है और इसके साथ ऊपरी वायुमंडल में एक द्रोणिका (Trough) भी बनी हुई है।
मैदानी इलाकों में करनाल का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 12 अक्टूबर के आंकड़ों के अनुसार सबसे कम था। आईएमडी ने आम जनता से अपील की है कि आंधी-तूफान के दौरान घरों के अंदर रहें, पेड़ों के नीचे शरण न लें, बिजली के उपकरणों से दूरी बनाए रखें और अत्यधिक आवश्यकता न होने पर यात्रा करने से बचें।
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