Haryana Schools News: सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता परखी जाएगी; विजिलेंस कमेटियां करेंगी औचक निरीक्षण

हरियाणा

चंडीगढ़: हरियाणा में सरकारी स्कूलों की दशा और दिशा बदलने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कमर कस ली है। शिक्षा की गुणवत्ता और स्कूल की आधारभूत सुविधाओं की निगरानी के लिए अब राज्य में ‘विजिलेंस कमेटियों’ का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ये कमेटियां स्कूलों का औचक निरीक्षण कर विद्यार्थियों से सीधा फीडबैक लें।

🪑 ‘टाट-पट्टी’ मुक्त होंगे हरियाणा के स्कूल

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान निर्देश दिए हैं कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद प्रदेश का कोई भी स्कूल ऐसा न हो, जहां विद्यार्थियों को टाट-पट्टी पर बैठना पड़े। उन्होंने सभी विद्यालयों में डेस्क की उपलब्धता, बाउंड्रीवाल का निर्माण, स्वच्छता और सौंदर्याकरण के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है। इसके साथ ही, स्कूलों में चौकीदार और सफाई कर्मचारी की नियुक्ति अनिवार्य कर दी गई है, जिसके लिए आवश्यकता पड़ने पर एचकेआरएन (HKRN) के माध्यम से भर्तियां की जाएंगी।

🛠️ खरीद और टेंडर प्रक्रिया में तेजी

प्रशासनिक कार्यों में देरी को खत्म करने के लिए सीएम सैनी ने बड़ा फैसला लिया है। स्कूलों से जुड़ी सभी खरीद और टेंडर प्रक्रियाओं को अब अधिकतम 7 से 14 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा।

🎓 भविष्य की तैयारी: स्किल कोर्स और नई भर्तियां

प्रदेश के युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने के लिए शिक्षा विभाग को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने और शॉर्ट टर्म स्किल कोर्स शुरू करने को कहा गया है। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में कुछ बड़ी घोषणाएं की गई हैं:

  • सुपर 100 प्लस कार्यक्रम: मेधावी छात्रों के लिए विशेष पहल।

  • शिक्षकों की भर्ती: प्रदेश में जल्द ही 1500 विशेष शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।

  • प्रेरणादायी स्टार्टअप: सफल स्टार्टअप्स की कहानियों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाकर छात्रों को उद्यमिता के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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