चंडीगढ़: हरियाणा के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले नन्हे विद्यार्थियों के लिए इस बार का परीक्षा परिणाम बेहद खास होने वाला है। शिक्षा विभाग ने पारंपरिक ‘रिपोर्ट कार्ड’ की जगह अब ‘प्रगति कार्ड’ (Holistic Progress Card) जारी करने का निर्णय लिया है। यह नया कार्ड केवल यह नहीं बताएगा कि छात्र ने कितने अंक प्राप्त किए हैं, बल्कि यह उसके सीखने की क्षमता, व्यवहार और कौशल का पूरा दर्पण होगा।
अब तक स्कूलों में बच्चों को उनके अंकों के आधार पर आंका जाता था, लेकिन नए ‘प्रगति कार्ड’ में मूल्यांकन का आधार बदल दिया गया है। रिपोर्ट कार्ड में इस पर गंभीर चर्चा और टिप्पणी होगी कि बच्चा कितना सीख रहा है और उसकी समझने की क्षमता में कितना सुधार हुआ है।इसमें छात्र का खुद का मूल्यांकन (Self-assessment), सहपाठियों द्वारा फीडबैक और शिक्षक की राय शामिल होगी। स्कूल में प्रवेश के समय और सत्र के दौरान होने वाली खेलकूद व अन्य गतिविधियों को भी इसमें विशेष स्थान दिया गया है। इसे केवल एक ‘परिणाम’ के रूप में नहीं, बल्कि छात्र के व्यक्तित्व विकास के एक ‘फीडबैक’ के तौर पर देखा जाएगा।
शिक्षा विभाग के नए निर्देशों के अनुसार, परिणाम घोषित करते समय शिक्षकों को अभिभावकों के साथ बच्चे की प्रगति पर विस्तृत चर्चा करनी होगी। इसमें बच्चे की रुचि, ताकत और उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा जहाँ उसे सुधार की आवश्यकता है।
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