चंडीगढ़: केंद्र सरकार ने हरियाणा में बिजली सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को चरणबद्ध (Phase-wise) तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। आम जनता और उपभोक्ताओं में इस नई प्रणाली के प्रति भरोसा और विश्वास जगाने के लिए सरकार ने पहले चरण में सभी सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और सरकारी कर्मचारियों के सरकारी आवासों में बिजली के प्रीपेड मीटर लगाने का फैसला किया है। इस शुरुआती चरण के सफल क्रियान्वयन के बाद दूसरे चरण में 10 किलोवाट से अधिक भार (Load) वाले व्यावसायिक व औद्योगिक उपभोक्ताओं और फिर अन्य श्रेणियों के आम उपभोक्ताओं को इस प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
📊 यूपी की गड़बड़ियों और विरोध से केंद्र सरकार ने लिया सबक: सरकारी दफ्तरों से शुरुआत कर जनता में विश्वास जगाने का अनूठा प्रयोग
दरअसल, हरियाणा के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरों में आई तकनीकी गड़बड़ियों, अत्यधिक बिलिंग की शिकायतों और उसके बाद स्थानीय लोगों व किसान संगठनों द्वारा किए गए भारी विरोध से सबक लेते हुए केंद्र सरकार हरियाणा में यह नया प्रयोग करने जा रही है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि यदि बिजली विभाग और सरकार खुद अपने दफ्तरों और अधिकारियों के घरों से प्रीपेड मीटर की शुरुआत करेगी, तो इससे आम उपभोक्ताओं के मन में फैला भ्रम और डर दूर होगा तथा प्रणाली की पारदर्शिता पर लोगों का भरोसा मजबूत होगा। इसी रणनीति के तहत बिजली निगमों को पहले सरकारी संपत्तियों को कवर करने का रोडमैप दिया गया है।
💡 केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की बिजली निगमों के साथ हाई-लेवल बैठक: निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने बिजली निगमों के आला अधिकारियों और केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न ऊर्जा योजनाओं की चंडीगढ़ में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में भाग लिया। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्मार्ट मीटरों के लगने से बिजली चोरियों और लाइन हानियों (Line Losses) को कम करने में बहुत बड़ी सहायता मिलेगी। उन्होंने बिजली निगमों को नई और आधुनिक तकनीकों को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि लक्ष्य आधारित योजनाओं एवं परियोजनाओं पर तेजी से कार्य करना होगा, ताकि राज्य के अंतिम उपभोक्ता तक निर्बाध (Uninterrupted), गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली आसानी से उपलब्ध कराई जा सके।
📉 लाइन लॉस 34 प्रतिशत से घटकर हुआ बेहद कम: बिलिंग और वास्तविक आपूर्ति के अंतर को न्यूनतम करने पर जोर
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिजली की बिलिंग और वास्तविक बिजली आपूर्ति के बीच के अंतर को न्यूनतम करने के लिए और अधिक प्रभावी कदम उठाए जाएं। इस महत्वपूर्ण बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने आंकड़ों का ब्यौरा देते हुए केंद्रीय मंत्री को बताया कि वर्ष 2013-14 में हरियाणा के बिजली निगमों का कुल लाइन लॉस (Line Loss) लगभग 34 प्रतिशत के उच्च स्तर पर था, जिसमें पिछले सालों में किए गए सुधारों के कारण अब उल्लेखनीय और ऐतिहासिक कमी आई है। इस सकारात्मक रिपोर्ट और गिरावट पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने गहरा संतोष व्यक्त किया, साथ ही उन्होंने सुधार की इस गति को भविष्य में और तेज करने के सख्त निर्देश दिए।
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