कुरुक्षेत्र: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘फसल अवशेष प्रबंधन योजना’ (आरकेवीवाई) के तहत किसानों को बड़ी राहत दी है। विभाग अब विभिन्न कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 प्रतिशत तक का अनुदान प्रदान करेगा। इच्छुक किसान 15 जून तक विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। यह योजना खेती को आधुनिक और किफायती बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
🛠️ कौन-कौन से यंत्र हैं योजना में शामिल?
इस अनुदान योजना के अंतर्गत खेती में काम आने वाले कई महत्वपूर्ण यंत्रों को शामिल किया गया है, जैसे:
-
हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर, और जीरो ड्रिल।
-
स्ट्रा-बेलर, स्ट्रा-रेक, और स्ट्रा-चोपर।
-
मल्चर, रोटरी स्लेशर, और रिवर्सिबल एमबी प्लो।
-
सरफेस सीडर, ट्रैक्टर माउंटिड लोडर, कॉप-रीपर, और स्वचालित रीपर बाइंडर।
-
एसएमएस (SMS) व अन्य आधुनिक कृषि मशीनें।
📋 पात्रता और शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
-
किसान का ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर (वर्ष 2025-26 के खरीफ और रबी सीजन के लिए) पंजीकरण होना जरूरी है।
-
पिछले 3 वर्षों में परिवार के किसी भी सदस्य ने इसी तरह की किसी योजना का लाभ न लिया हो।
-
परिवार के किसी एक सदस्य के नाम हरियाणा में ट्रैक्टर रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है।
-
परिवार पहचान पत्र (PPP) से केवल एक सदस्य ही आवेदन कर सकेगा।
-
एक किसान केवल एक कृषि यंत्र के लिए आवेदन कर सकता है (स्ट्रा-बेलर के साथ रेक/स्लेशर की छूट अलग है)।
📂 जरूरी दस्तावेज और चयन प्रक्रिया
आवेदन करते समय किसान को पैन कार्ड, वैध ट्रैक्टर आरसी, और स्वयं घोषणा पत्र अपलोड करना होगा। अनुसूचित जाति (SC) के किसानों को जाति प्रमाण पत्र भी संलग्न करना होगा। यदि आवेदनों की संख्या निर्धारित लक्ष्य से अधिक रहती है, तो लाभार्थियों का चयन जिला स्तरीय समिति द्वारा ‘ऑनलाइन ड्रा’ के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि विभाग के कार्यालय या पोर्टल पर संपर्क कर सकते हैं।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad