चंडीगढ़: आयकर विभाग के टीडीएस विंग की रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 2,167 मामलों में लगभग 152.84 करोड़ रुपये की आयकर मांग लंबित है। वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा बोर्ड-निगमों के अधिकारियों को पत्र जारी कर लंबित आयकर मांगों को तुरंत जमा कराने के निर्देश दिए हैं। वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने नियंत्रणाधीन अधिकारियों को तुरंत लंबित मामलों की जांच करने और 25 मार्च तक बकाया राशि जमा कराने के निर्देश जारी करें।
इस भारी-भरकम बकाया राशि को देखते हुए हरियाणा वित्त विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों को पत्र जारी कर लंबित आयकर मांगों को तुरंत निपटाने के निर्देश दिए हैं।
वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी विभाग अपने नियंत्रणाधीन अधिकारियों के माध्यम से इन लंबित मामलों की तत्काल जांच करवाएं। विभाग ने इस बकाया राशि को जमा करने के लिए 25 मार्च की समय सीमा (Deadline) तय की है। आदेश में कहा गया है कि निर्धारित समय के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी पेचीदगी या जुर्माने से बचा जा सके।
क्यों फंसा है मामला?
आमतौर पर सरकारी विभागों द्वारा टीडीएस की कटौती में देरी, गलत डेटा एंट्री या समय पर रिटर्न फाइल न करने की वजह से ऐसी आयकर मांगें (Demands) खड़ी हो जाती हैं। अब क्लोजिंग से पहले सरकार इन सभी खातों को क्लीन करना चाहती है।
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