हरियाणा: PM मोदी की अपील पर डिप्टी स्पीकर का एक्शन, लग्जरी कार छोड़ ई-रिक्शा में की सुरक्षाकर्मियों संग सवारी

हरियाणा

जींद: हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनहित अपील को अमली जामा पहनाते हुए एक सकारात्मक मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने निवास स्थान से ई-रिक्शा में सवार होकर लघु सचिवालय तक का सफर तय किया। इस दौरान खास बात यह रही कि वे अपनी सुरक्षा में तैनात सिक्योरिटी कर्मियों को भी ई-रिक्शा में अपने साथ बिठाकर ले गए, जिसे देख राहगीर दंग रह गए।

⛽ पेट्रोल-डीजल की बचत का संदेश: पीएम मोदी की अपील को बनाया अपना संकल्प

कृष्ण मिड्डा ने बताया कि पीएम मोदी बार-बार पेट्रोल और डीजल की बचत पर जोर देते रहे हैं। इस अपील को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सरकारी वाहन के बजाय ई-रिक्शा का इस्तेमाल करने का फैसला किया। उन्होंने कहा, “छोटे-छोटे कदमों से ही बड़े बदलाव आ सकते हैं। पेट्रोल-डीजल बचाना सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए संसाधनों को बचाना होगा।”

🌟 चर्चा में सादगी भरा सफर: जींदवासियों ने की विधायक के कदम की सराहना

सुरक्षा घेरे में रहने वाले डिप्टी स्पीकर का यह सादगी भरा सफर जींदवासियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। लोग इस कदम की जमकर सराहना कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नेता अगर ऐसे उदाहरण पेश करें, तो आम जनता भी पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत की दिशा में प्रेरित हो सकती है। मिड्डा जींद से तीन बार के विधायक हैं और हाल ही में हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर पद पर नियुक्त हुए हैं।

🌿 पर्यावरण संरक्षण की ओर कदम: पीएम मोदी के विजन को धरातल पर उतारा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के संबोधनों में पेट्रोल-डीजल की बचत, पर्यावरण संरक्षण और सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने की अपील की थी। डिप्टी स्पीकर का यह कदम ठीक उसी अपील को साकार करने की दिशा में माना जा रहा है। वे पहले भी जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रवैया रखने के लिए जाने जाते रहे हैं, लेकिन इस ‘ग्रीन सफर’ ने उनकी लोकप्रियता में और इजाफा कर दिया है।

📱 सोशल मीडिया पर वायरल: “सादगी के प्रतीक” बने कृष्ण मिड्डा

इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा बटोरी है। इंटरनेट पर लोग डिप्टी स्पीकर को “सादगी के प्रतीक” के रूप में संबोधित कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि वीआईपी कल्चर को छोड़कर इस तरह जमीन से जुड़ना ही असली जनसेवा है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी डिप्टी स्पीकर के इस व्यवहार की चर्चा बनी रही, जब वे बिना किसी तामझाम के ई-रिक्शा से सीधे कार्यालय के गेट पर उतरे।

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