डॉक्टर बनकर लौटना था घर, आई मौत की खबर; शादी से 2 महीने पहले नोएडा के लाल का नेपाल में एक्सीडेंट

दिल्ली

नोएडा के जिस घर में कुछ ही महीनों बाद शहनाइयों की गूंज होनी थी, जहां शादी की तैयारियों की हलचल थी, वही घर अचानक मातम में डूब गया. नोएडा के नयाबांस गांव निवासी एक होनहार युवक, जो डॉक्टर बनने का सपना लेकर नेपाल गया था, उसकी सड़क हादसे में मौत की खबर ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया. बेटे की पढ़ाई पूरी होने और डॉक्टर बनने की खुशी में डूबा परिवार अब उसकी अर्थी को कंधा देने को मजबूर हो गया.

परिजनों के अनुसार, नयाबांस गांव निवासी प्रिंस नेपाल में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था. उसने हाल ही में अपनी पढ़ाई पूरी की थी और नेपाल के ही एक अस्पताल में इंटर्नशिप कर रहा था. परिवार को इस बात की बेहद खुशी थी कि अब उनका बेटा जल्द डॉक्टर बनकर ग्रेटर नोएडा लौटेगा और परिवार का सहारा बनेगा.

परिवार ने बताया कि बेटे को पढ़ाने के लिए उन्होंने वर्षों तक संघर्ष किया. सीमित संसाधनों के बावजूद बेटे की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी. बेटे की मेहनत रंग ला रही थी और वह एक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहा था.

अचानक हुए सड़क हादसे ने छीन ली जिंदगी

परिवार की खुशियों पर उस समय ग्रहण लग गया, जब नेपाल में एक सड़क दुर्घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. बताया गया कि अस्पताल से निकलते समय किसी अज्ञात वाहन ने उसे पीछे से टक्कर मार दी. हादसे के बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

जैसे ही यह खबर नोएडा स्थित परिवार तक पहुंची, पूरे घर में कोहराम मच गया. मां बेसुध हो गईं, वहीं पिता बेटे की तस्वीर को देखकर बार-बार यही कहते रहे-हमने तो बेटे को डॉक्टर बनने भेजा था, उसकी लाश लेने नहीं.

नेपाल से लाया गया शव

हादसे की जानकारी मिलने के बाद परिजन नेपाल पहुंचे और सभी औपचारिकताएं पूरी कर शव को भारत लाया गया. जैसे ही बेटे का शव गांव पहुंचा, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई. सैकड़ों लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचे, लेकिन पिता नेपालाल अवाना बेटे की मौत के गम से उबर नहीं पा रहे थे. गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया. हर आंख नम थी और हर कोई यही कह रहा था कि इतनी कम उम्र में एक होनहार जिंदगी यूं खत्म हो जाना बेहद दुखद है.

10 मार्च को होनी थी शादी

परिजनों ने बताया कि युवक की शादी आगामी 10 मार्च को तय थी. घर में शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं. कपड़ों और गहनों की खरीदारी चल रही थी. परिवार बेटे की पढ़ाई पूरी होने और शादी को लेकर बेहद उत्साहित था. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. जिस बेटे के लिए शादी के कार्ड छप रहे थे, उसी की अर्थी उठानी पड़ी.

मां बार-बार यही सवाल करती रही—जिस बेटे की सेहरा देखने वाली थी, उसकी चिता कैसे देख लूं. बेटे की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है. पिता नेपालाल अवाना गहरे सदमे में हैं. उन्होंने बताया कि बेटा ही उनका सबसे बड़ा सहारा था. अब समझ नहीं आ रहा कि जिंदगी कैसे आगे बढ़ेगी.

परिजनों के अनुसार, प्रिंस बेहद मिलनसार और मेहनती था. गांव के लोग उसे शुरू से ही एक जिम्मेदार और होनहार छात्र के रूप में जानते थे. उसकी मौत से न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरा इलाका सदमे में है. घटना के बाद नयाबांस गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है. स्थानीय लोग बड़ी संख्या में परिवार के घर पहुंचे और गहरी संवेदना व्यक्त की. ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ एक परिवार की नहीं, पूरे समाज की क्षति है.

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