उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित रयान स्कूल में 7वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रा के साथ हुई घटना ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि छात्रा करीब 1 घंटे तक स्कूल के बाथरूम में बंद रही और मदद के लिए चिल्लाती रही, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. इतना ही नहीं, जब उसने शिकायत की तो उसे डांटकर माफीनामा लिखवाया गया.
ग्रेटर नोएडा के रहने वाले अशोक भाटी ने बताया कि उनकी बेटी गुरुवार को स्कूल गई. लंच ब्रेक के दौरान वह बाथरूम गई थी. इसी बीच बाहर से किसी ने दरवाजा बंद कर दिया. छात्रा अंदर फंस गई और बाहर निकालने के लिए वह लगातार आवाज लगाती रही, लेकिन किसी ने बच्ची की आवाज नहीं सुनी. उनका कहना है कि एक घंटे तक उनकी बेटी बाथरूम में बंद रही. जब सफाई कर्मचारी बाथरूम की ओर पहुंचा, तब जाकर दरवाजा खोला गया और उसे बाहर निकाल गया.
शिकायत पर मिला उलटा जवाब
पीड़ित पिता अशोक भाटी का कहना है कि घटना के बाद बच्ची ने अपनी टीचर को पूरी बात बताई, लेकिन मामले को गंभीरता से लेने के बजाय उसे ही डांट दिया गया. इतना ही नहीं, उससे एक माफीनामा भी लिखवाया गया. उनका कहना है कि इस व्यवहार से बच्ची मानसिक रूप से काफी डर गई और अगले दिन स्कूल भी नहीं गई. परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश की है. बच्ची के पिता ने स्कूल की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं, जिसको लेकर उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी से इस मामले की शिकायत की है.
एक घंटे तक गायब रही बच्ची
पीड़ित पिता का कहना है कि जब उन्होंने स्कूल प्रबंधन से बात की तो स्कूल की तरफ से कहा गया कि उनकी बेटी बिना बताए गायब हो गई थी. इस बात पर पीड़ित पिता ने कहा कि अगर उनकी बेटी 1 घंटे तक कक्षा में मौजूद नहीं थी तो स्कूल प्रबंधन ने इसकी जानकारी अभिभावकों को क्यों नहीं दी. उन्होंने कहा है कि वह स्कूल में गए और सीसीटीवी फुटेज मांगने की कोशिश की, लेकिन स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई संतुष्ट जवाब नहीं मिल सका.
इस संबंध में स्कूल में संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका. लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर है. पीड़ित पिता का कहना है स्कूल परिसर में ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक है. इतने बड़े स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए बड़ी मेहनत करनी पड़ती है. अगर स्कूल इस तरह की लापरवाही करता है तो आखिर जिम्मेदारी किसकी तय होती है. यह तो स्कूल प्रबंधन ही बता सकता है. फिलहाल उन्होंने इस पूरे मामले में प्रशासन से शिकायत की है.
इस पूरे मामले में गौतमबुद्ध नगर के डीआईओएस राजेश कुमार सिंह का कहना है कि हमारे पास अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है. शिकायत आने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. वहीं पीड़ित पिता का कहना है कि डीएम को एक शिकायत पत्र दिया गया है.
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