गूगल ने दुनिया के सबसे लोकप्रिय वेब ब्राउज़र ‘क्रोम’ के लिए अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक सुरक्षा अपडेट (Security Update) जारी कर दिया है. नए क्रोम 149 (Chrome 149) अपडेट में रिकॉर्ड 429 सिक्योरिटी कमजोरियों को पूरी तरह ठीक किया गया है, जिनमें 22 क्रिटिकल (अत्यंत संवेदनशील) खामियां भी शामिल हैं. राहत की बात यह है कि गूगल के आधिकारिक बयान के अनुसार, इन कमजोरियों का फायदा उठाकर अब तक इंटरनेट पर किसी भी तरह के साइबर हमले को अंजाम नहीं दिया गया है. इस बड़े सुरक्षा अपडेट के साथ यूजर्स को हाई-क्लास सिक्योरिटी के अलावा पीडीएफ (PDF) फाइलों में नोट्स लिखने और डिजिटल सिग्नेचर करने जैसे कई शानदार नए फीचर्स भी मिल रहे हैं. ऐसे में डेटा सुरक्षा और साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सभी स्मार्टफोन और कंप्यूटर यूजर्स के लिए जल्द से जल्द अपने ब्राउज़र को अपडेट करना बेहद जरूरी हो गया है.
🛡️ 429 कमजोरियां ठीक और 22 क्रिटिकल खामियों पर लगा ब्रेक: बाहरी सिक्योरिटी रिसर्चर्स को मिला 2.09 लाख डॉलर का बंपर इनाम
क्रोम के आधिकारिक रिलीज ब्लॉग के अनुसार, गूगल ने क्रोम 149 के सिंगल पैच में कुल 429 सुरक्षा कमियों को दूर किया है, जो ब्राउज़र के इतिहास में किसी एक अपडेट में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है. सुरक्षा की गंभीरता को देखते हुए इनमें से 22 कमजोरियों को ‘क्रिटिकल’ (Critical) कैटेगरी में रखा गया है, जबकि 87 हाई रिस्क, 226 मीडियम रिस्क और 94 लो रिस्क कैटेगरी की हैं. गूगल का कहना है कि इनमें से 371 कमजोरियों की पहचान कंपनी की आंतरिक टीम ने खुद की, जबकि बाकी की खामियां दुनिया भर के बाहरी सिक्योरिटी रिसर्चर्स (Ethical Hackers) ने खोजीं. इन स्वतंत्र शोधकर्ताओं को बग बाउंटी प्रोग्राम के तहत अब तक कुल 2.09 लाख डॉलर (करीब 1.75 करोड़ रुपये) का इनाम दिया गया है.
📂 क्रोम का इन-बिल्ट पीडीएफ व्यूअर (PDF Viewer) हुआ और भी स्मार्ट: अब फॉर्म भरने के साथ कर सकेंगे डिजिटल साइन और नोट्स
सिक्योरिटी के अलावा क्रोम 149 में सबसे बड़ा यूजर-फ्रेंडली बदलाव इसके इन-बिल्ट पीडीएफ व्यूअर में देखने को मिला है. अब क्रोम यूजर्स केवल पीडीएफ फॉर्म भरने तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे किसी भी आधिकारिक दस्तावेज पर सीधे नोट्स लिख सकेंगे और अपने डिजिटल साइन (Digital Signature) भी अटैच कर पाएंगे. गूगल धीरे-धीरे अपने पारंपरिक पीडीएफ व्यूअर को एक फुल-फंक्शनल छोटे पीडीएफ एडिटर (PDF Editor) में तब्दील कर रहा है. हालांकि, यह सुविधा पहले से मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स (Firefox) ब्राउज़र में उपलब्ध थी. इस अपडेट में वर्टिकल टैब और फुल-स्क्रीन रीडिंग मोड जैसे कुछ अन्य एआई फीचर्स की भी उम्मीद की जा रही थी, लेकिन फिलहाल उन्हें सभी यूजर्स के लिए लाइव नहीं किया गया है. कंपनी आने वाले हफ्तों में इन सुविधाओं को धीरे-धीरे रोलआउट कर सकती है.
🤖 गूगल के ‘बिग स्लीप’ (Big Sleep) एआई ने खोजीं सैकड़ों आंतरिक खामियां: जून के अंत तक दस्तक देगा नया क्रोम 150
गूगल का मानना है कि इस बार रिकॉर्ड संख्या में कोडिंग की गलतियों और बैकडोर कमियों की पहचान करने में एआई (AI) आधारित सुरक्षा उपकरणों, विशेष रूप से गूगल के नए प्रोजेक्ट “बिग स्लीप” (Big Sleep System) ने सबसे अहम भूमिका निभाई है. तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, सबसे ज्यादा 110 खामियां ‘यूज़-आफ्टर-फ्री’ (Use-After-Free) कैटेगरी की थीं, जबकि 88 मामलों में इनपुट वैलिडेशन और 60 मामलों में गलत इम्प्लीमेंटेशन से जुड़ी सुरक्षा कमियां पाई गईं. ब्राउज़र की वेबजीएल (WebGL) लाइब्रेरी एंगल में सबसे ज्यादा 37 खामियां मिलीं, जिन्हें फिक्स कर दिया गया है. गूगल ने इसके साथ ही एंड्रॉयड और आईओएस (iOS) के लिए भी क्रोम के मोबाइल वर्जन अपडेट जारी कर दिए हैं. टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, क्रोम 150 को जून के अंत तक लॉन्च करने की योजना है, जिसमें और अधिक एडवांस्ड फीचर्स देखने को मिलेंगे.
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