Giridih Journalist Attacked: गिरिडीह में अतिक्रमण हटाओ अभियान की कवरेज कर रहे पत्रकार पर जानलेवा हमला; बीडीओ ने बचाई जान

झारखण्ड

गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले के बगोदर से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारिता पर हमले की एक बेहद निंदनीय और सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहाँ प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान का लाइव न्यूज कवरेज कर रहे एक प्रतिष्ठित अखबार के संवाददाता के साथ सरेबाजार न सिर्फ बदसलूकी की गई, बल्कि कई हिंसक अतिक्रमणकारियों ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर उनके साथ जमकर धक्का-मुक्की भी की। बात यहीं नहीं रुकी, उन्मादी भीड़ में शामिल मुख्य आरोपियों ने पत्रकार को खुलेआम जान से मारने की गंभीर धमकी भी दी।

हमले की भयावहता को देखते हुए पत्रकार अपनी जान बचाने के लिए बदहवास हालत में मौके पर मौजूद बीडीओ (प्रखंड विकास पदाधिकारी) के सरकारी वाहन की तरफ भागे। इसके बाद जैसे ही बीडीओ अपनी गाड़ी से नीचे उतरीं, उग्र हमलावर वहां से दुम दबाकर भाग खड़े हुए। इस पूरी घटना के बाद से ही जिले भर के पत्रकारों में भारी नाराजगी और गहरा आक्रोश व्याप्त है, जिसके बाद बगोदर थाने में नामजद लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।

👮 बगोदर और सरिया के पत्रकार न्याय के लिए हुए लामबंद: थाना प्रभारी को सौंपा आवेदन, आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग

इस कायरतापूर्ण घटना के बाद पीड़ित पत्रकार कुमार गौरव गुप्ता के पक्ष में बगोदर और सरिया क्षेत्र के तमाम छोटे-बड़े पत्रकार और मीडिया संगठन पूरी तरह से लामबंद (एकजुट) हो गए हैं। रविवार को जिले के वरिष्ठ पत्रकारों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने बगोदर थाना पहुंचकर थाना प्रभारी को एक लिखित आवेदन सौंपा। इस आवेदन के माध्यम से पत्रकारों ने लोकतंत्र के प्रहरी पर हमला करने वाले असामाजिक तत्वों पर त्वरित व कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित पत्रकार को तत्काल प्रभाव से सरकारी सुरक्षा मुहैया कराने की पुरजोर मांग की है।

थाने में दिए गए आवेदन में पत्रकार कुमार गौरव गुप्ता ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार को बगोदर बाजार में स्थानीय बीडीओ निशा कुमारी की प्रत्यक्ष उपस्थिति में मुख्य सड़क को जाम से मुक्त कराने के लिए अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई चल रही थी। वे वहां जनहित से जुड़ी इस खबर का संकलन (कवरेज) कर रहे थे, तभी साहु मोहल्ला का रहने वाला छोटू साव अचानक उनके पास आया और बिना किसी बात के मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देने लगा।

😡 ‘तुम्हारी खबरों के कारण टूट रही हैं हमारी दुकानें’: भीड़ में खींचकर जान लेने का प्रयास, जेब से ₹1200 भी लूटे

पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि आरोपी छोटू साव ने सरेआम चिल्लाते हुए कहा— “बगोदर बाजार से सारा अतिक्रमण हटाने का काम तुम्हारी इसी न्यूज और अखबारबाजी के कारण चल रहा है, प्रशासन से हमारी सारी दुकानें तुम ही अपनी खबरों के दम पर तुड़वा रहे हो।” इसके तुरंत बाद छोटू साव के इशारे पर वहां मौजूद अभिषेक कुमार, अक्षय कुमार, बुरशिली कुमार, धीरज कुमार साव, गोलू गुप्ता सहित अन्य असामाजिक तत्वों ने उन्हें घेर लिया और भीड़ के बीच खींचकर जान से मारने की नीयत से उन पर हमला कर दिया।

इस दौरान हुई तीखी खींचतान और मारपीट के बीच हमलावरों ने पत्रकार की जेब में रखे ₹1,200 नगद भी अवैध रूप से निकाल लिए। अपनी जान पर संकट मंडराता देख पत्रकार कुमार गौरव गुप्ता किसी तरह भीड़ के चंगुल से छूटे और सुरक्षा के लिए ड्यूटी पर तैनात बीडीओ निशा कुमारी के वाहन के पास जा पहुंचे, जिसके बाद बीडीओ ने तत्परता से गाड़ी से उतरकर बीच-बचाव किया और उनकी जान बचाई।

📜 भविष्य में मानसिक और शारीरिक नुकसान की आशंका: पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस को दी आंदोलन की चेतावनी

पुलिस को सौंपे गए शिकायती पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि उक्त सभी आरोपी आदतन अपराधी हैं और वे पत्रकार पर जानलेवा हमला व गंभीर मारपीट पर उतारू थे। भविष्य में भी अपने और अपने परिवार के ऊपर किसी भी प्रकार के शारीरिक या मानसिक नुकसान की गहरी आशंका जताते हुए पीड़ित पत्रकार ने जिला प्रशासन से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी पूरी जवाबदेही नामजद आरोपियों की होगी।

पत्रकार की आवाज को दबाने की इस कोशिश के खिलाफ क्षेत्र के सम्मानित पत्रकार प्रसाद बर्णवाल, रामानंद सिंह, परमानंद बर्णवाल, किशुन प्रसाद, राजेश पांडेय, आदित्य पांडेय, सोहन लाल महतो, बिट्टू खान, अशोक यादव, रंजन कुमार, सुभाष पांडेय, जितेन्द्र कुमार के साथ-साथ वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता भारत गुप्ता उर्फ मुन्ना और सुनील स्वर्णकार ने पुलिस से दोटूक शब्दों में कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

इस संबंध में बगोदर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने मीडिया को आश्वस्त करते हुए कहा कि पत्रकारों से प्राप्त आवेदन के वैधानिक आधार पर मुख्य आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं। गौरतलब है कि पिछले दिनों इसरी में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद गिरिडीह डीसी (जिला कलेक्टर) के सख्त निर्देश पर बगोदर में यह विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा था, जिससे बौखलाए दुकानदार अपनी खीझ पत्रकारों पर निकाल रहे हैं।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry