Ghaziabad Murder Case: सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद का एनकाउंटर; मां की मांग- ‘बाकियों का भी हो एनकाउंटर और चले बुलडोजर’

उत्तर प्रदेश

गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में बकरीद के दिन हुए सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी ‘असद’ के एनकाउंटर के बाद भी इलाके में गुस्सा कम नहीं हुआ है। पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासियों ने अब बाकी बचे 6 आरोपियों के एनकाउंटर और उनकी संपत्तियों को जब्त करने के साथ-साथ उनके घरों को बुलडोजर से ढहाने की मांग की है। सूर्या की मां सरोज ने बेहद भावुक होते हुए कहा कि एक एनकाउंटर से उनके कलेजे को ठंडक नहीं मिलेगी, जब तक बाकी आरोपियों का भी वही हश्र न हो जो असद का हुआ।

🏠 ‘न्याय का मतलब सिर्फ एक एनकाउंटर नहीं’

पड़ोसी अंकित और स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने एक आरोपी को ढेर करके सही दिशा में कदम उठाया है, लेकिन न्याय तभी पूरा होगा जब शेष सभी आरोपियों को कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की है कि बाकी छह आरोपियों के घरों को भी ध्वस्त कर दिया जाना चाहिए और उनकी सारी संपत्ति जब्त की जानी चाहिए। सूर्या की मां ने कहा, “उन्होंने मेरे घर का चिराग बुझा दिया है, अब उनके परिवार को भी सजा मिलनी चाहिए।”

🔪 क्या था सूर्या चौहान हत्याकांड?

यह नृशंस वारदात 28 मई 2026 को खोड़ा के नवनीत विहार में हुई थी। असद नामक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर सूर्या चौहान पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला किया था। इलाज के दौरान सूर्या ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया था। इस मामले में पुलिस ने तत्काल FIR दर्ज कर 5 लोगों को नामजद किया था, जिनमें से 3 आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

👮 बुलंद हौसले और चेकिंग के दौरान मुठभेड़

मुख्य आरोपी असद पर पुलिस ने 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस उपायुक्त (DCP) धवल जायसवाल ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने वसुंधरा और खोड़ा क्षेत्र में घेराबंदी की थी। चेकिंग के दौरान असद ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षार्थ जवाबी गोलीबारी में असद गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। मुठभेड़ में एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हुआ है, जबकि असद का एक साथी फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।

संपादकीय टिप्पणी: किसी भी अपराध का न्याय कानून के दायरे में होना चाहिए, लेकिन परिवार का दर्द और आक्रोश सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है। क्या आपको लगता है कि इस प्रकार के जघन्य अपराधों के बाद बुलडोजर कार्रवाई ही एकमात्र समाधान है? अपने विचार नीचे साझा करें।

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