जबलपुर (मध्य प्रदेश): कंधे पर पिट्ठू बैग, तन पर कॉलेज स्टूडेंट का पहनावा… देखने में बिल्कुल सीधे-साधे छात्र, लेकिन जब पुलिस ने तलाशी ली तो बैग से ऐसी हकीकत निकली जिसे देखकर पुलिसकर्मी भी दंग रह गए।
किताबों की जगह बैग में कपड़ों के बीच ठूंस-ठूंस कर भरे थे अवैध गांजे के पैकेट। महंगे शौक, चमचमाती लाइफस्टाइल, ब्रांडेड कपड़े और मेकअप के भारी-भरकम खर्चों ने 19 वर्ष की युवती को नशे का सौदागर बना दिया, वहीं उसके महंगे शौक पूरे करने के चक्कर में 22 वर्षीय युवक भी इस काले कारोबार का मुख्य हिस्सेदार बन गया। दोनों आरोपी कम समय में मोटी कमाई करने के चक्कर में छात्रों का हुलिया बनाकर आसानी से पुलिस की नजरों से बचते हुए लंबे समय से तस्करी को अंजाम दे रहे थे।
🚓 क्राइम ब्रांच और बरगी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, नेचर ढाबा के पास से रंगे हाथ पकड़ाया तस्कर जोड़ा
मध्य प्रदेश के जबलपुर में क्राइम ब्रांच पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे चौंकाने वाली और बड़ी सफलता हासिल की है।
क्राइम ब्रांच और बरगी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बरगी बायपास इलाके से 22 वर्षीय युवक और 19 वर्षीय युवती को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी अपनी पीठ पर स्कूली बैग लादे बरगी बायपास स्थित नेचर ढाबा के सामने ‘साई टी स्टॉल’ के पास खड़े होकर किसी बड़े खरीदार का इंतजार कर रहे थे।
🕵️ मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी, संदिग्ध हालत में खड़े मिले आरोपी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेंद्र सिंह ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम लगातार क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की धरपकड़ हेतु गश्त में जुटी थी।
11 अगस्त को पुलिस को मुखबिर से पक्की खबर मिली कि बरगी बायपास पर साई टी स्टॉल के पास एक लड़का और लड़की संदिग्ध अवस्था में खड़े हैं। देखने में वे सामान्य कॉलेज स्टूडेंट लग रहे हैं, लेकिन उनके पास मौजूद नीले रंग के पिट्ठू बैग में भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस की संयुक्त टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों को दबोच लिया।
💼 स्कूली बैग से निकला 11 किलो 184 ग्राम गांजा, बाजार में कीमत लगभग 5.6 लाख रुपये
जब पुलिस ने दोनों से कड़ाई से पूछताछ की तो युवक ने अपना नाम 22 वर्षीय हिमांशु बावरिया (निवासी गढ़ा, जबलपुर) और युवती ने अपना नाम 19 वर्षीय संध्या सरोते (मूल निवासी डिंडौरी, हाल निवासी गोरखपुर, जबलपुर) बताया।
पुलिस ने जब संध्या और हिमांशु के नीले रंग के बैगों की बारीकी से तलाशी ली, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। बैग में पठन-पाठन की सामग्री के बजाय गांजे के कुल 6 बड़े पैकेट रखे हुए थे, जिन्हें दो कंबलों व कपड़ों के बीच छिपाकर रखा गया था। एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के नियमों के तहत जब गांजे का वजन कराया गया तो वह कुल 11 किलो 184 ग्राम निकला, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख 59 हजार 200 रुपये बताई जा रही है।
🛍️ महंगे शौक, ब्रांडेड कपड़े और मेकअप के खर्चों ने बनाया अपराधी, NDPS एक्ट में मामला दर्ज
शुरुआती पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने पुलिस के साथ-साथ समाज को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।
महज 19 साल की संध्या और उसका साथी हिमांशु अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल, महंगे मोबाइल और मेकअप के खर्चों को पूरा करने के लिए नशे की अवैध तस्करी के इस दलदल में उतरे थे। छात्रों का हुलिया बनाकर तस्करी करने का मुख्य मकसद पुलिस की चेकिंग से बचना था। फिलहाल बरगी पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 किलो से ज्यादा गांजा, दो कंबल और 1 मोबाइल जब्त कर धारा 8/20 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मुख्य सप्लायर का नेटवर्क खंगालने में जुटी है।
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