उत्तर प्रदेश के ड्रीम प्रोजेक्ट कहे वाले गंगा एक्सप्रेसवे की मजबूती को लेकर पहली ही तेज बारिश में बड़ा झटका लगा है। राज्य के हरदोई जिले के पास एक्सप्रेसवे का लगभग 10 मीटर लंबा हिस्सा अचानक धंस गया। इस घटना ने निर्माण एजेंसी के दावों की पोल खोल दी है और पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सूचना मिलते ही UPEIDA के वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियरों की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
🌧️ मिट्टी खिसकने से धंस गई सड़क की परत
शुरुआती पड़ताल के अनुसार, लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते सड़क के निचले हिस्से की मिट्टी कमजोर होकर खिसक गई, जिससे ऊपरी कंक्रीट की परत धंस गई। गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई वाहन इसकी चपेट में नहीं आया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अधिकारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्र के आसपास बैरिकेडिंग कर दी है और वाहनों के आवागमन को रोककर वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था कर दी है।
🔍 तकनीकी जांच के आदेश, दोषियों पर होगी कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद निर्माण एजेंसी और तकनीकी विशेषज्ञों को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। विशेषज्ञ यह जांच कर रहे हैं कि सड़क धंसने की वजह सिर्फ अत्यधिक बारिश है या फिर निर्माण में घटिया सामग्री और तकनीकी लापरवाही का इस्तेमाल हुआ है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
⚖️ विपक्ष को मिला मुद्दा, सरकार के सामने साख बचाने की चुनौती
गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के बुनियादी ढांचे की सबसे बड़ी परियोजनाओं में शामिल है। शुरुआती चरण में ही सड़क धंसने से विपक्षी दलों को सरकार पर हमला बोलने का बड़ा मौका मिल गया है। अब सरकार और निर्माण एजेंसियों के सामने निर्माण की मजबूती का भरोसा दिलाने और अपनी साख बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
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