पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने जताई चिंता, पूछा-कानून लागू रहने के बाद भी क्यों आदिवासी असुरक्षित

झारखण्ड

देवघर: पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन साहिबगंज जाने के दौरान देवघर के बगदहा में रुके. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राज्य में विकास का पहिया थमा हुआ है. राज्य की सरकार विकास को लेकर कहीं से भी सजग नहीं दिख रही है. पूर्व सीएम ने कहा कि मौजूदा सरकार सिर्फ अपने विकास पर विचार कर रही है, जनता के विकास को लेकर उनके पास कोई ढांचा नहीं है.

पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने कहा आज जिस तरह से संथाल में घुसपैठियों की संख्या बढ़ रही है, वो यहां के स्थानीय और मूलवासियों के लिए चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि एसआईआर का लाभ कहीं ना कहीं स्थानीय, मूलवासियों और आदिवासियों को मिलेगा. पूर्व सीएम ने कहा कि भारत की धरती सिर्फ भारतवासियों के लिए है, ना कि बाहर से आने वाले घुसपैठियों के लिए.

आदिवासियों की संपत्ति बचाने के लिए होगी सभा

पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने कहा कि आदिवासियों की संपत्ति को बचाने के लिए आगामी 30 जून 2026 को भोगनाडीह में एक सभा का आयोजन किया जाएगा. जिसमें लाखों की संख्या में भीड़ होगी. उस आयोजन से पहले पूरे राज्य के आदिवासियों के घर-घर जाकर उन्हें आमंत्रित किया जाएगा. ताकि राज्य का आदिवासी समाज अपने हक और अधिकार के बारे में जान सके.

पूर्व सीएम ने संथाल परगना से जुड़ी एसपीटी और छोटानागपुर के सीएनटी एक्ट में बरती जा रही अनियमिताओं पर भी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि यह कानून लागू होने के बावजूद आदिवासियों की जमीन धड़ल्ले से घट रही है. जो राज्य और राज्य में रहने वाले राज्यवासियों के लिए घोर चिंता का विषय है.

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