सागौन तस्करों पर वन विभाग का बड़ा प्रहार! बरेली और सुकली में रेड से मचा हड़कंप, लाखों के फर्नीचर जब्त

छत्तीसगढ़

बलौदा बाजार: इमारती लकड़ियों की जंगल से कटाई और उसके चोरी छिपे इस्तेमाल पर वन विभाग ने सख्ती दिखाई है. इसी कड़ी में वन विभाग की टीम ने ग्राम बरेली और सुकली में दबिश दी. मुखबिर की सूचना पर दी गई दबिश में बड़ी मात्रा में कीमती लकड़ियों का जखीरा बरामद किया गया. ये पूरी कार्रवाई अर्जुनी वन परिक्षेत्र में की गई. वन विभाग ने लकड़ी माफिया को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वनों से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा.

कीमती लकड़ी को चोरी छिपे फर्नीचर बनाने में हो रहा था इस्तेमाल

वन विभाग ने बताया कि लंबे वक्त से अर्जुनी वन परिक्षेत्र में लकड़ी काटे जाने की शिकायतें मिल रही थी. मुखबिर लगातार ये शिकायत कर रहे थे कि लोग चोरी छिपे जंगल से लकड़ी लाते हैं और उसका इस्तेमाल करते हैं. जिसके बाद वन विभाग ने पुख्ता सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए लकड़ियों का जखीरा बरामद किया.

दबिश के दौरान क्या-क्या मिला

  • चिरान लकड़ी और उससे बना फर्नीचर
  • लकड़ी के दर्जनों तख्ते
  • दरवाजे के कई पल्ले
  • खिड़की की फ्रेम

सागौन की लकड़ी होती है कीमती

सागौन की लकड़ी महंगी और कीमती मानी जाती है. अवैध कटाई से न केवल वन संपदा को नुकसान पहुंचता है, बल्कि पर्यावरण संतुलन भी प्रभावित होता है. वनमंडल ने नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है. अपील में कहा गया है कि यदि कहीं अवैध रूप से लकड़ी की कटाई, परिवहन या फर्नीचर निर्माण की गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें. सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी. विभाग का मानना है कि जनसहभागिता से ही अवैध कटान पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है. वन विभाग ने कहा है कि वो भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रखेगा. जो भी जंगल और जंगली जानवरों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसपर कानून सम्मत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry