दिल्ली स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) के परिसर में लगी आग को लेकर फैल रही गलत सूचनाओं पर शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी किया है। मंत्रालय ने साफ किया है कि आग उनके कार्यालय में नहीं लगी थी, बल्कि यह घटना ITO स्थित SPA की बिल्डिंग में हुई थी। मंत्रालय ने मीडिया रिपोर्ट्स में फैल रही गलत जानकारी को खारिज करते हुए कहा कि आग मामूली थी और उस पर समय रहते काबू पा लिया गया। किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
🚒 घटना की विस्तृत जानकारी
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, सुबह लगभग 9:37 बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके बाद तुरंत आठ दमकल गाड़ियां (फायर टेंडर) मौके पर भेजी गईं। अग्निशमन कर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। अभी तक आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है और अधिकारी जांच में जुटे हैं।
⚔️ राजनीतिक प्रतिक्रिया: विपक्ष का सरकार पर तंज
इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है:
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे: खरगे ने ‘एक्स’ पर तंज कसते हुए कहा कि मंत्रालय में आग की खबर का पता नहीं, लेकिन भाजपा ने अपने कुकर्मों से पूरी शिक्षा व्यवस्था में आग लगा दी है। उन्होंने पेपर लीक और CBSE घोटालों का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा।
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जयराम रमेश: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस घटना को “बहुत गड़बड़” और चिंताजनक बताया।
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मनीष सिसोदिया (AAP): आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक और CBSE गड़बड़ियों से जुड़े सबूतों को मिटाने के लिए यह आग लगाई गई हो सकती है।
📢 मंत्रालय का स्पष्ट खंडन
शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उनका कार्यालय ‘कर्तव्य भवन-2, डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड’ पर स्थित है, जबकि आग लगने की घटना ‘विकास मार्ग (ITO)’ स्थित SPA परिसर में हुई। मंत्रालय ने लोगों और मीडिया से किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी फैलाने से बचने की अपील की है।
संपादकीय टिप्पणी: संवेदनशील सरकारी या शैक्षणिक परिसरों में इस तरह की आग की घटनाएं सुरक्षा और डेटा प्रबंधन पर सवाल उठाती हैं। क्या आपको लगता है कि महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों में आग सुरक्षा ऑडिट (Fire Safety Audit) को और अधिक सख्त किया जाना चाहिए? अपने विचार नीचे साझा करें।
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