रायपुर: बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते रायपुर के ऑटोमोबाइल बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। शहर में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर की बिक्री में 10 से 12 प्रतिशत तक का उछाल आया है। मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन (EV) अब बचत और सुविधा का पर्याय बन गए हैं।
⏳ डिमांड ज्यादा, सप्लाई कम: ढाई महीने का इंतजार
बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग इतनी अधिक है कि ऑटोमोबाइल कंपनियां आपूर्ति (Supply) बनाए रखने में संघर्ष कर रही हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि यदि कोई ग्राहक आज गाड़ी बुक करता है, तो उसे डिलीवरी के लिए लगभग 2 से ढाई महीने तक का इंतजार करना पड़ रहा है। मांग और आपूर्ति के बीच के इस बड़े अंतर ने शोरूम संचालकों की चुनौती बढ़ा दी है।
📊 रायपुर जिले में EV बिक्री के आंकड़े (जनवरी-अप्रैल 2026)
| महीना | टू-व्हीलर (2W) | थ्री-व्हीलर (3W) | फोर-व्हीलर (4W) |
| जनवरी 2026 | 851 | 63 | 153 |
| फरवरी 2026 | 872 | 61 | 160 |
| मार्च 2026 | 1095 | 75 | 193 |
| अप्रैल 2026 | 727 | 64 | 163 |
📉 ई-रिक्शा के बाजार में मंदी का दौर
पर्सनल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बढ़ती मांग के विपरीत, कमर्शियल ई-रिक्शा (थ्री-व्हीलर) के बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। शोरूम संचालक प्रशांत शर्मा के अनुसार, पहले हर महीने 50-55 ई-रिक्शा बिकते थे, जो अब घटकर 7-8 पर सिमट गए हैं। इसके मुख्य कारण शहर में ई-रिक्शा की अधिकता, पुरानी गाड़ियों का आपस में लेन-देन और सरकार की ओर से स्क्रैप पॉलिसी का अभाव है।
📉 भविष्य में गिर सकते हैं EV के दाम
रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कैलाश खेमानी का मानना है कि आने वाले दिनों में निजी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग 20 से 25 प्रतिशत तक और बढ़ सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि जैसे-जैसे बल्क प्रोडक्शन (Bulk Production) बढ़ेगा, इलेक्ट्रिक गाड़ियों की लागत कम होगी। सरकार की सब्सिडी नीतियों और प्रोत्साहन के कारण आने वाले समय में उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रिक वाहन और भी किफायती दरों पर मिलने की उम्मीद है।
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