बिना अनुमति सहारनपुर में एंट्री! खुफिया इनपुट के बाद पुलिस का एक्शन, सभी तब्लीगी जमातों को भेजा गया दिल्ली, जांच जारी

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश से सहारनपुर में पिछले एक सप्ताह में बाहरी राज्यों से आई तब्लीगी जमातों को वापस दिल्ली भेजने की प्रक्रिया लगातार जारी है. देवबंद, गंगोह, नकुड़, बेहट, रामपुर मनिहारन और शहर के कई इलाकों में रुकी जमातों को प्रशासनिक औपचारिकताओं पूरी करने के बाद दिल्ली भेजा जा रहा है. यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के तहत की जा रही है. प्रशासन के अनुसार, केवल वही जमातें जिले में रुक सकती हैं, जो उचित अनुमति लेकर आएं.

फिलहाल अधिकतर जमातें बिना अनुमति के मिलीं, जिसके चलते उन्हें निजामुद्दीन स्थित मरकज वापस भेज दिया गया. सहारनपुर जिले में BNS की धारा 163 (पूर्व में 144) प्रभावी होने के कारण बाहरी जमातों की एंट्री पर रोक है. हाल के दिनों में देशभर से संदिग्ध गतिविधियों और सहारनपुर में पकड़े गए कुछ व्यक्तियों के मद्देनजर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरत रही हैं.

SSP आशीष तिवारी ने क्या कहा?

सहारनपुर के एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि बिना अनुमति किसी भी बाहरी जमात को जिले में प्रवेश नहीं दिया जा सकता. सुरक्षा कारणों से यह कदम जरूरी है. जमात से जुड़े कुछ जिम्मेदारों ने फोन पर चिंता जताई, लेकिन वे प्रशासनिक दबाव पर खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि कुछ समय से दिल्ली निजामुद्दीन की ओर से यूपी में बाहरी जमातों की आवाजाही सीमित रखने का प्रयास किया जा रहा था.

घुसपैठियों के खिलाफ चल रहा अभियान

इसके अलावा उत्तर प्रदेश में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान का असर सहारनपुर में भी तेजी से दिखाई दे रहा है. पुलिस और खुफिया एजेंसियां सुबह से रात तक फील्ड में सक्रिय हैं और व्यापक सत्यापन अभियान को सख्ती के साथ लागू किया जा रहा है. पिछले कुछ सालों में सहारनपुर और देवबंद के कई इलाकों में फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रहे कई विदेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं.

संदिग्ध गतिविधियों के मिले संकेत

हालिया खुफिया इनपुट में फिर संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले हैं, जिसके बाद देवबंद को हॉटस्पॉट मानते हुए यहां जांच और कठोर कर दी गई है. शिक्षण संस्थानों, मजदूर बस्तियों, कबाड़ी बाजार और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस और एलआईयू की टीमें लगातार दस्तक दे रही हैं. पूर्व में पकड़े गए कई विदेशी नागरिकों के पास पैन कार्ड, राशन कार्ड और आधार कार्ड तक मिले थे. इस नेटवर्क से जुड़े जनसेवा केंद्र संचालकों पर कार्रवाई की जा चुकी है और खुफिया जांच अभी जारी है.

देहाती क्षेत्रों और शहर दोनों में किरायेदार सत्यापन अभियान को गति दी गई है. मकान मालिकों को सख्त निर्देश हैं कि बिना वैध पहचान पत्र किसी भी बाहरी व्यक्ति को कमरा न दिया जाए. एसएसपी आशीष तिवारी ने कहा कि देहात क्षेत्र, कबाड़ी मार्केट, किराये के कमरे और अस्थायी बस्तियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. हाल में पकड़े गए कई संदिग्धों के नेटवर्क की जांच जारी है और फर्जी दस्तावेज बनाने वालों पर भी कड़ाई से कार्रवाई की जा रही है.

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