Eid ul fitr 2026 In india: ईद-उल-फितर इस्लाम धर्म का बड़ा पावन और महत्वपूर्ण त्योहार है. इसे ईद और मीठी ईद भी कहा जाता है. ये त्योहार रमजान में पूरे माह के रोज रखने के बाद मनाया जाता है. यह त्योहार नए चांद (शव्वाल महीने की शुरुआत) के दिखने पर मनाया जाता है. ईद-उल-फितर में ईद का मतलब खुशियों से है और उल फितर का मतलब रोजा खोलना बताया जाता है. ईद रमजान के रोजों के पूरा होने की खुशी में मनाया जाने वाला त्योहार है. ईद के दिन लोग अल्लाह का आभार जताते हैं कि उन्होंने उनको रोजा रखने और उसे पूरा करने की हिम्मत दी.
इस्लाम जानकारों के मुताबिक, वैसे तो ईद 20 मार्च यानी आज होनी चाहिए थी, लेकिन 19 मार्च को शव्वाल का चांद नहीं दिखा. वहीं सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों में ईद आज मनाई जा रही है. सऊदी अरब के एक दिन बाद ही भारत में ईद मनाई जाती है. इसलिए भारत में कल ईद का पावन त्योहार मनाया जाएगा, लेकिन केरल और तमिलनाडु में आज ईद मनाई जा रही है. आइए जानते हैं ऐसा क्यों है?
केरल और तमिलनाडु में आज क्यों है ईद?
केरल और तमिलनाडु में लोग आज ईद का त्योहार मना रहे हैं. कहा जा रहा है केरल और तमिलनाडु में 19 मार्च गुरुवार को शवल्ल का चांद दिख गया. केरल में मौलवियों ने कहा कि शव्वाल का चांद परप्पनंगडी के चेट्टीप्पाडी में देखा गया. ऐसे में खाड़ी देशों के साथ ही भारत के तमिलनाडु और केरल में आज ईद का जश्न मनाया जा रहा है.
ईद-उल-फितर की क्या है कहानी?
इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, ईद-उल-फितर के त्योहर की शुरुआत 624 ईस्वी में हुई मानी जाती है. इस त्योहार की शुरुआत पैगंबर हजरत मुहम्मद ने मदीना में की थी. ये हिजारत के बाद दूसरा साल था, जब मुसलमानों द्वारा पहला रमजान पूरा किया गया था. जब पैगंबर हजरत मुहम्मद मदिना पहुंचे तो उन्होंने लोगों को दो खास दिनों पर जश्न मनाते देखा. इसके बाद उन्होंने बताया कि मुसलमानों के लिए दो ईद होंगी- ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad