ED से इस्तीफा देकर कपिल राज ने रिलायंस में पाई नौकरी, केजरीवाल और हेमंत सोरेन को किया था गिरफ्तार

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ईडी ऑफिसर कपिल राज ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इसी के बाद अब कपिल राज रिलायंस इंडस्ट्रीज में शामिल हो गए हैं. कपिल भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के 2009 बैच के अधिकारी थे. दरअसल, 45 वर्षीय कपिल 16 साल की सेवा के बाद, व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए, 17 जुलाई, 2025 को आधिकारिक तौर पर सरकारी सेवा से रिटायर हो गए थे.

कपिल राज वो ही ईडी ऑफिसर हैं जिन्होंने दो मुख्यमंत्रियों को अरेस्ट किया था. कपिल राज ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को अरेस्ट किया था. साथ ही उन्होंने दिल्ली के तत्कालीन सीएम अरविंद केजरीवाल को भी गिरफ्तार किया था.

रिलायंस ने क्या कहा?

कपिल राज के रिलायंस कंपनी में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर आरआईएल (RIL) के प्रवक्ता ने कहा, हम किसी व्यक्ति के कंपनी में शामिल होने या कंपनी छोड़ने पर कोई कमेंट नहीं करते हैं. पूर्व आईआरएस अधिकारी ने सेवा से अपने इस्तीफे के लिए व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया था. कपलि राज ने जब इस्तीफा दिया तब उनके रिटायर होने में पूरे 15 साल बाकी थे. लेकिन, उन्होंने फिर भी इस्तीफा दे दिया.

केजरीवाल-सोरेन को किया अरेस्ट

ईडी में अपने 8 वर्षों के कार्यकाल के दौरान, कपिल राज ने खूब सुर्खियां बटोरी. राज ने सबसे हाई-प्रोफाइल जांचों को लीड किया. दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आबकारी नीति मामले में कपिल राज जांच अधिकारी थे और इन्होंने ही केजरीवाल को गिरफ्तार किया था. वहीं, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भूमि घोटाले के मामलों में भी यह ही जांच अधिकारी थे, दोनों ही धन शोधन निरोधक कानून के तहत दर्ज किए गए थे.

इससे पहले, मुंबई में डिप्टी डायरेक्टर के रूप में, कपिल राज ने डीएचएफएल (DHFL) और इकबाल मिर्ची मामलों के अलावा हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के जांच मामलों को भी लीड किया था.

कौन हैं कपिल राज?

कपिल राज उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले हैं. उन्होंने लखनऊ से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की है. कपिल राज ने लगभग 8 वर्षों तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में सेवा की. हाल ही में इस्तीफा देने से पहले वो दिल्ली में जीएसटी इंटेलिजेंस विंग में अतिरिक्त आयुक्त (Additional Commissioner) के पद पर तैनात थे. साथ ही कपिल राज जांच के लिए आरोपियों से पूछताछ करने के लिए सवाल तैयार करते थे. अपनी टीम को प्रेरित रखने के लिए अक्सर ईडी छापों की निगरानी करते थे.

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