रामलला के दर्शन आसान, फाइलों के नहीं… राज्यपाल आनंदीबेन ने खड़े किए सरकारी कर्मचारियों पर सवाल

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बीते दिन अयोध्या दौरे पर थीं. इस दौरान उनकी तरफ से की गई टिप्पणी की चर्चा हर कोई कर रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि राज्यपाल ने प्रशासन पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने कहा कि रामलला के दर्शन करने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. लोगों के लिए बहुत ही आसानी से रामलला के दर्शन हो जाते हैं, लेकिन फाइलों के दर्शन आसान नहीं हैं.

राज्यपाल ने कहा कि फाइलों की मंजूरी के लिए अफसरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं. इसलिए आज रामलला के दर्शन आसान और फाइलें टेबल दर टेबल भटकती रहती हैं.

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रशासन पर सीधे तौर पर ये सवाल अयोध्या के CSR कॉन्क्लेव में उठाए हैं. राज्यपाल के बयान से साफ है कि प्रशासन के रवैये की खबर ऊपर आला अधिकारियों तक है कि किस तरीके से लोग इस समय परेशान हो रहे हैं. राज्यपाल का ये बयान अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. बयान के बाद से ही अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है, इसके पीछे की वजह भी ये कि अफसरों को कार्रवाई का डर सता रहा है.

राज्यपाल ने अधिकारियों से क्या कहा?

अयोध्या सीएसआर कॉन्क्लेव में राज्यपाल ने कहा कि आज के समय में सरकारी ऑफिसों में फाइल एक टेबल से दूसरी टेबल पर होती रहती है. इन टेबलों पर अलग-अलग प्रकार की गलतियां निकाली जाती हैं. मेरा सभी अधिकारियों से सिर्फ यही कहना है कि जब फाइल पहली टेबिल पर पहुंचे तो वहीं सारी कमियां निकाली जाएं. ताकि लोगों को आसानी हो सके. ये अकेला यूपी का हाल नहीं है लगभग पूरे देश में यही हो रहा है.

अयोध्या के इस कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 70 आंगनबाड़ी भवनों का शिलान्यास किया. इसके साथ ही जनपद के आंगनबाड़ी केंद्रों को 1000 प्री-स्कूल किट उपलब्ध कराने हेतु समझौता ज्ञापन संपन्न हुआ. राज्यपाल की तरफ से प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए गए सवाल के बाद हड़कंप मचा हुआ है. ऐसा माना जा रहा है कि राज्यपाल का इशारों इशारों में ही कार्यप्रणाली ठीक करने का आदेश है.

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