Durg Police Found Missing Girls: दुर्ग में लापता हुई 3 बच्चियों को पुलिस ने खोज निकाला, घर से भागने की वजह जान आप भी रह जाएंगे हैरान

छत्तीसगढ़

दुर्ग: अर्जुन नगर इलाके के कैम्प वन में रहने वाली तीन बच्चियों ने महज छोटी सी बात पर घर छोड़ दिया. घर छोड़कर जाने वाली तीन बच्चियों में दो सगी बहनें और एक पड़ोसी बच्ची शामिल है. तीनों बच्चियों की उम्र 11 साल, 10 साल और 8 साल है.

डांट के डर से घर छोड़कर चली गई थी बच्चियां

डीआईजी विजय अग्रवाल ने बताया कि तीनों बच्चियां 6 फरवरी की शाम को अपने घर से घूमने के लिए निकली थी. तीनों बच्चियों ने अपने घरवालों को ये नहीं बताया था कि वो घूमने के लिए जा रही हैं. घूमते-घूमते सभी बच्चियां एक स्टेशनरी शॉप पर पहुंची. जहां दुकानदार को बिना बताएं उन लोगों ने चॉकलेट ले लिया. दुकानदार ने जब देखा कि उसकी बिना जानकारी के बच्चों ने चॉकलेट ले लिया है, तो उसने तत्काल बच्चों के पिता को फोन कर दिया. बच्चियां इस बात से काफी डर गईं. उनको लगा कि अब वो घर जाएंगी तो उनको माता पिता की डांट सुननी पड़ेगी.

बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात करने के लिए आए थे. बच्चों को भी समझाया है और परिजनों की भी काउंसिलिंग कराई है. सभी ने वादा किया है कि भविष्य में वो इस तरह की गलती नहीं करेंगे: विजय अग्रवाल, डीआईजी

ट्रेन में सवार होकर जा रही थी भोपाल

इस डर की वजह से तीनों ने घर नहीं जाने का फैसला लिया. तीनों बच्चियां वहां से दूसरी जगह चली गईं. बच्चियों के पिता उनको खोजते खोजते दुकान तक पहुंचे. दुकानदार ने बताया कि बच्चियां तो कभी की यहां से जा चुकी हैं. इसके बाद परिजनों ने रातभर उनकी तलाश की. लेकिन बच्चियों का कुछ अता पता नहीं चला. इसके बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.

जीआरपी की सतर्कता से बरामद हुई बच्चियां

रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आई और पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में निकल पड़ी. कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने रेलवे पुलिस की मदद से तीनों बच्चियों को बरामद कर लिया. बरामद बच्चियों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया. आज तीनों बच्चियों के पिता से मिलने डीआईजी विजय अग्रवाल उनके घर पहुंचे. बच्चियों के परिजनों से मुलाकात की. डीआईजी ने कहा कि बच्चों का ध्यान रखें. बच्चों के साथ प्यार से पेश आएं. डीआईजी ने बच्चों को चॉकलेट भी दिए. दुर्ग पुलिस ने बताया कि परिवारवालों की काउंसिलिंग कराई जाएगी.

डीआईजी ने की बच्चियों और उनके परिजनों से घर जाकर मुलाकात

तीनों बच्चियों की तलाश में पुलिस ने दर्जनों सीसीटीवी खंगाले तब कहीं जाकर पता चला कि बच्चे दुर्ग टू भोपाल जाने वाली अमरकंटक ट्रेन में सवार हुए हैं. ट्रेन के उसलापुर (बिलासपुर) स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ हेड कांस्टेबल एस.के. साहू को बच्चियों पर संदेह हुआ. पूछताछ में उन्होंने अपना पता और घर से निकलने की वजह बता दी. RPF ने तुरंत चाइल्डलाइन को सूचना देकर बच्चियों को सुरक्षित सौंप दिया, जहां बाल कल्याण समिति ने उन्हें अस्थायी संरक्षण में रखा. बाद में सूचना मिलने पर दुर्ग पुलिस उन्हें सुरक्षित वापस लाई और परिजनों को सौंप दिया.

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