Durg Opium Case: दुर्ग में 8 करोड़ की अफीम खेती को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू, पुलिस जवानों ने संभाला मोर्चा; आरोपी बीजेपी नेता पर शिकंजा

छत्तीसगढ़

दुर्ग: जिले के ग्राम समोदा में हुई अफीम की खेती मामले में नया अपडेट सामने आया है. इसमें अब जिला प्रशासन की मौजूदगी में दुर्ग पुलिस के जवान अफीम के पेड़ों को काटने का काम कर रहे हैं. इसकी कीमत करीब 8 करोड़ रुपए आंकी गई है.

जानकारी के अनुसार मक्के की फसल की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती की जा रही थी. लगभग 5 से 6 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती की गई है. सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई की.

भाजपा नेता समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकर, गोलू ठाकुर और विकास विश्नोई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. वहीं राजस्थान के जोधपुर निवासी अचला राम जाट को इस खेती का मुख्य प्लॉटर बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है. उसकी तलाश में पुलिस की टीम जोधपुर भेजी गई है. हालांकि बीजेपी ने विनायक ताम्रकर को निलंबित कर दिया है.

प्रशासन की मौजूदगी में काटे जा रहे अफीम के पौधे

शुक्रवार को इसकी सूचना पुलिस को मिली थी. इसके बाद शनिवार को दिनभर राजनीतिक बयानबाजी के बीच पुलिस और प्रशासन ने इसकी जांच की. अब रविवार को जिला प्रशासन की निगरानी में दुर्ग पुलिस के जवान अफीम के पौधों को काटने और नष्ट करने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं. इस काम में करीब 25 से 30 पुलिसकर्मी लगाए गए हैं.

कई विभागों की मंजूरी के बाद होगी आगे की कार्रवाई

ASP चंद्रा ने बताया कि अवैध फसल के नष्टीकरण की प्रक्रिया के लिए पर्यावरण विभाग, आबकारी विभाग और अन्य संबंधित विभागों से अनुमति ली जा रही है. सभी विभागों की मौजूदगी में कार्रवाई की जा रही है.

अफीम के पौधों को इकट्ठा कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी- मणिशंकर चंद्रा, ASP

एक दिन पहले कलेक्टर ने भी की प्रेस कॉन्फ्रेंस

दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने शनिवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस की. बताया कि यह खेती समोदा, झेनझरी और सिरसा गांव के बीच स्थित खेतों में की जा रही थी. पुलिस को सूचना मिली थी कि मक्का और भुट्टे की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए हैं. मौके पर जांच करने पर बड़ी संख्या में अफीम के पौधे मिले.

लीज पर लेकर कराई जा रही थी खेती

जांच में सामने आया है कि फरार आरोपी अचला राम जाट ने खेत को लीज पर लेकर मजदूरों के जरिए यह खेती कराई थी. खेत में काम कर रहे कुछ मजदूर मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के बताए जा रहे हैं, जिनसे पूछताछ जारी है.

एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में NDPS Act की धारा 18 और 19 के तहत मामला दर्ज किया है. यह गैर-जमानती अपराध है, जिसमें 10 से 20 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है. जांच में आगे और लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है.

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