विवादों में स्कूल प्रशासन: गेट पर रोकी गईं प्रिंसिपल, ड्रेस कोड को लेकर मैनेजर के साथ तीखी बहस

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केरल के कोल्लम में एक अजीब मामला सामने आया है. यहां चूड़ीदार सूट पहनकर आने पर प्रधानाध्यापिका को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया गया. सुरक्षा गार्ड ने स्कूल मैनेजर के निर्देश पर उन्हें स्कूल में प्रवेश करने से दिया. मामले की शिकायत शिक्षिका ने पुलिस में की है. घटना नेदुवाथुर के ईश्वरविलासम हायर सेकेंडरी स्कूल की है.

सुरक्षा गार्ड ने बताया कि शिक्षिका सिंधु को स्कूल मैनेजर के निर्देश पर रोका गया था. शिक्षका ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. प्रधानाध्यापिका सिंधु सुबह 8.45 बजे हमेशा की तरह स्कूल पहुंचीं थीं. जब वह स्कूल पहुंची तो सुरक्षा गार्ड ने गेट नहीं खोला.

यह पूछे जाने पर कि गेट क्यों नहीं खोला गया, सुरक्षा गार्ड ने जवाब दिया कि प्रबंधक ने उसे निर्देश दिया था कि अगर उसने चूड़ीदार पहना हुआ है तो वह अंदर न जाए. बच्चों के खाने के लिए अंडे खरीदने आए हेडमास्टर गेट के सामने बैठे थे. बाद में पहुंची पुलिस ने टीचर को स्कूल में प्रवेश कराया.

मैनेजर ने कहा- चूड़ीदार न पहनकर आए स्कूल

वहीं शिक्षका ने कहा कि प्रबंधक सुरेश कुमार दूसरे दिन कार्यालय आए थे और उन्होंने चूड़ीदार नहीं पहनने के लिए कहा था. सरकारी आदेश के अनुसार, शिक्षकों को चूड़ीदार पहनने से नहीं रोका जा सकता है और प्रबंधक ने इसके विपरीत काम किया है.

हालांकि, मैनेजर ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने कपड़ों के नाम पर किसी को रोकने के लिए नहीं कहा था. जानकारी के अनुसार शिक्षिका ने इसकी मामले की शिकायत शिक्षा विभाग में भी की है. विभाग और पुलिस की ओर से इस पूरे मामले की जांच की जा रही है.

क्या है नियम?

महिला शिक्षकों के लिए आमौत पर कोई ट्रेस कोड नहीं है, लेकिन उनके लिए शालीन और औपचारिक कपड़े पहनकर स्कूल आना अनिवार्य है. महिला शिक्षक साड़ी, सलवार-कमीज या चूड़ीदार-कुर्ता जैसे पारंपरिक कपड़े पहनकर स्कूल जा सकती हैं.

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