गर्मी का ‘डबल अटैक’! समय से पहले चढ़ा पारा और आसमान छूने लगे सब्जियों के दाम, बिगड़ा रसोई का बजट

पंजाब

लुधियाना: पंजाब में समय से पहले गर्मी का सीजन शुरू होने के कारण महानगर की होलसेल सब्जी मंडी में सब्जियों की आमद एकाएक बढ़ गई है, मंडी में हालात यह बने हुए हैं कि यहां पर अधिकतर सब्जियां 5 से 10 रु . प्रति किलो तक बिक्री हो रही है लेकिन बावजूद इसके होलसेल सब्जी मंडी में ग्राहक चिराग लेकर ढूंढने से भी नहीं मिल रहा है तो वही दूसरी ओर मंडी से गली मोहल्लों तक पहुंचते ही सब्जियों की कीमतें आग उगल रही है।

पंजाब केसरी के संवाददाता द्वारा होलसेल सब्जी मंडी से लेकर आसपास के इलाकों और गली मोहल्ले में किए गए सर्वे के मुताबिक दो मुख्य चीजें निकल कर सामने आई है। जिसमें पहले चरण में सब्जी मंडी में माल की आमद के हिसाब से दुकानदारों विशेष कर गली मोहल्ले में सब्जियों की बिक्री करने वाले प्रवासी स्ट्रीट वेंडरो की संख्या ना के मुकाबले देखी गई है जिसका मुख्य कारण होली के कारण प्रवासियों का अपने पैतृक गांव में अपने परिवारों के पास वापिस लौटना बताया जा रहा है। वहीं गर्मियों का सीजन समय से पहले शुरू होने के कारण सब्जियों की आमद का आंकड़ा काफी बढ़ गया है और विवाह शादियों का सीजन खत्म हो चुका है जिसके कारण किसान जमींदार और आढ़ती भाईचारा होलसेल मंडी में सब्जियां ओने पौने दामों में बिक्री करने को मजबूर दिखाई दे रहा है क्योंकि गर्मियों के कारण अधिकतर हरी सब्जियां तरो ताजा रहने के मामले में  कुछ घंटे की मेहमान ही होती है जबकि आढ़तियों को शाम के समय सब्जियां खराब होने के कारण फेंकनी पड़ती है जबकि दूसरे चरण में जो स्ट्रीट वेंडर गली मोहल्ले में सब्जियां लेकर पहुंच रहे हैं वह लोगों से अपनी मनमर्जी के मुताबिक दाम वसूल रहे है जिसमें अधिकतर सब्जियों की कीमतें तो 3 से 4 गुना से भी अधिक ऐंठी जा रही है जबकि शहरवासी सप्ताह में एक बार होलसेल सब्जी मंडी में जाकर सब्जियों की खरीदारी करने पर बड़ी बचत कर सकते हैं l

वहीं इस मामले में लुधियाना सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन विकास गोयल विक्की, सरपरस्त गुरविंदर सिंह मंगा, महासचिव गुरप्रीत सिंह,उप चेयरमैन हरमिंदर सिंह बिट्टू, उप प्रधान शैंकी चावला ने कहा कि असल में मौजूदा समय दौरान किसानों जमींदारों की लगात तक भी पूरी नहीं हो रही है जिसमें खेतों से सब्जियों की कटाई और होलसेल मंडी तक सब्जियों को पहुंचाने का माल भाड़ा सब्जियों की कीमत से कही अधिक बैठ रहा है l उन्होंने बताया कि एक तो गर्मियों का सीजन समय से पहले शुरू होना और दूसरा प्रवासी मजदूरों का होली का त्यौहार मनाने के लिए अपने पैतृक गांव में वापस लौटना किसानों और आढ़तियों के लिए दोहरी मार साबित हो रहा है क्योंकि गली मोहल्ले में सब्जियां बेचने वाले प्रवासी मजदूर मंडी से सब्जी के निकासी का बड़ा साधन है उन्होंने कहा वही सब्जियों की आमद के मुकाबले डिमांड बहुत कम होना भी मंडी में सब्जियां  सस्ती होने का मुख्य कारण है l

सब्जियों के होलसेल मंडी और गली मोहल्ले में दाम का अंतर
सब्जियां _     होलसेल  _      गली मोहल्ले में
1.गोबी_       5 रु. किलो  _         10 से 15 रु.
2.आलू_      6 रु. किलो  __          10 से 15 रु.
3.टमाटर_     7 रु. किलो_         15 से 25 रु.
4.खीरा देसी_ 10 रु. किलो_     20 से 25 रु
5.मटर_     10 से 15 रु. किलो_    30 से 35 रु.
6.हरी मिर्च_  60 रु. किलो _         150 रु.
7.अदरक_      60 रु.किलो_           150 रु.
8.शिमला मिर्च_ 40 रु.किलो       100 रु.
9.भिंडी_         70 रु. किलो _           150 रु.
10.करेला_        60 रु.किलो _        150 रु.

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