मोगा में जिला मजिस्ट्रेट ने लगाए कड़े प्रतिबंध, आदेश जारी

पंजाब

मोगा: जिला मजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर मोगा सागर सेतिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 2023 की धारा-163 के तहत दी गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला मोगा के गांवों में सड़कों के आसपास गोबर आदि के ढेर लगाने और आम किसानों द्वारा बर्मी मिट्टी की खुदाई करने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है।

सागर सेतिया ने कहा कि मोगा जिले के गांवों में आम लोगों द्वारा गोबर आदि के ढेर लगाकर व अन्य तरीकों से अवैध कब्जे किए जा रहे हैं, जिससे कई दोपहिया वाहन फिसल जाते हैं, जिससे जहां दुर्घटना होने का खतरा रहता है, वहीं जान-माल के नुकसान का खतरा रहता है और इसके कारण झगड़े भी होते हैं। उन्होंने कहा कि तहसीलदार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, नायब तहसीलदार, संबंधित पुलिस थाना प्रमुख, जिला मोगा अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में इस आदेश को लागू करने के लिए जिम्मेदार होंगे।

बिना लिखित मंजूरी और पर्यवेक्षण के कच्चे कुएं खोदने पर रोक

इसके अलावा, जिला मजिस्ट्रेट सागर सेतिया ने कार्यकारी अभियंता, पंजाब जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड, मोगा की लिखित मंजूरी और पर्यवेक्षण के बिना जिला मोगा के ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति को कच्चे कुएं खोदने या खुदाई करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। कच्चे कुओं की खुदाई के कारण कई लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं और इसके कारण कई मौतें भी हो चुकी हैं। ऐसे हादसों की रोकथाम बहुत जरूरी है। ये दोनों प्रतिबंध आदेश 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेंगे।

मुख्य राजमार्ग व संपर्क मार्गों पर पशु चराने पर रोक

इसके अलावा मोगा जिले में आम जनता द्वारा मुख्य राजमार्ग और लिंक सड़कों पर मवेशियों को चराने पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिलाधिकारी ने कहा कि आम लोग अपने पशुओं को लेकर आते हैं जो बड़ी संख्या में होते हैं और शहरों व गांवों की सड़कों के आसपास चराते हैं। पशुओं की संख्या अधिक होने के कारण इन पशुओं द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने तथा मुख्य राजमार्ग सड़कों पर दुर्घटनाएं होने की भी संभावना बनी रहती है।

इसके अलावा ये पशु सड़कों के आसपास विभिन्न विभागों, विशेषकर वन विभाग द्वारा लगाए गए पेड़-पौधे को भी नुकसान पहुंचाते हैं और सड़कों पर गंदगी भी फैलाते हैं। उक्त कारणों से जनहित में ये आदेश जारी किए गए हैं। ये प्रतिबंध आदेश 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेंगे।

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