धार: मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और पुरातात्विक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण भोजशाला में आज का शुक्रवार कई मायनों में ऐतिहासिक और कानून-व्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के हालिया ऐतिहासिक फैसले के बाद यह पहला मौका है जब शुक्रवार के दिन हिंदू समाज द्वारा भोजशाला परिसर में मां वाग्देवी की भव्य महाआरती, पारंपरिक पूजा-अर्चन और विशेष दर्शन किए जाएंगे। इसके समानांतर, दूसरी ओर इसी परिसर से सटे कमाल मौलाना दरगाह क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय द्वारा उर्स (Urns) और लंगर का पारंपरिक आयोजन भी नियत समय पर किया जाना तय हुआ है। एक ही परिसर में दो बड़े धार्मिक आयोजनों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।
⚖️ मुस्लिम पक्ष ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती: सुरक्षा के मद्देनजर पूरा धार शहर पुलिस छावनी में तब्दील
इसी बीच, कानूनी मोर्चे पर भी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मस्जिद पक्ष (मुस्लिम पक्ष) द्वारा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के इस नए फैसले को देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में विशेष याचिका दायर कर चुनौती दे दी गई है। इस कानूनी मोड़ के बाद से इस पूरे घटनाक्रम और धार की पल-पल बदलती स्थिति पर देशभर की राजनीतिक और सामाजिक नजरें टिकी हुई हैं। शुक्रवार को होने वाले इन दोनों ही समुदायों के संवेदनशील आयोजनों और कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे धार शहर को छावनी के रूप में बदल दिया गया है। शहर के प्रवेश द्वारों से लेकर भोजशाला परिसर के चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल, वज्र वाहन और खुफिया कैमरे तैनात किए गए हैं ताकि शांति व्यवस्था पूरी तरह बनी रहे।
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