धमतरी: नगर निगम की आर्थिक हालत को लेकर सियासत तेज हो गई है. पेट्रोल-डीजल के करीब 33 लाख रुपए के बकाया भुगतान को लेकर अब सड़कों पर सियासी घमासान शुरू हो गया है. कांग्रेस पार्षदों ने पेट्रोल पंप पहुंचकर निगम प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और महापौर पर सीधा निशाना साधा.
33 लाख का भुगतान अटका?
नगर निगम धमतरी पर पेट्रोल-डीजल का भारी बकाया होने का आरोप है. बताया जा रहा है कि अप्रैल 2025 से लगातार डीजल की सप्लाई ली जा रही है, लेकिन अब तक करीब 33 लाख रुपए का भुगतान नहीं किया गया है. इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस के पार्षद अंबेडकर चौक स्थित पेट्रोल पंप पहुंचे और निगम प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया.
डीजल की कमी से बाकी व्यवस्था भी प्रभावित
विपक्ष का आरोप है कि निगम की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कर्मचारियों को साइकिल से काम चलाना पड़ रहा है, वहीं डीजल की कमी से सफाई, पानी और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है. नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि एक साल से भुगतान नहीं होना शर्मनाक है.
निगम प्रशासन पूरी तरह फेल हो चुका है. इस मामले में कमिश्नर से मिलकर जल्द भुगतान करवाने की कोशिश की जाएगी.- दीपक सोनकर, नेता प्रतिपक्ष
‘मेयर सिर्फ कांग्रेस पर आरोप लगा रहे’
उप नेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन ने महापौर पर झूठ बोलने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मेयर बकाया भुगतान को कांग्रेस का बता रहे हैं जबकि अप्रैल से उनकी सरकार है उसके बाद भी भुगतान नहीं हुआ, ऐसे में वर्तमान प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता.
मेयर का पलटवार
इधर, महापौर रामू रोहरा ने पलटवार करते हुए कहा कि निगम को पिछली सरकार ने कंगाल हालत में छोड़ा था. उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार आने के बाद वित्तीय स्थिति को सुधारा जा रहा है और बकाया भुगतान की प्रक्रिया जारी है. साथ ही उन्होंने डीजल चोरी के आरोपों की जांच कराने की बात भी कही.
फिलहाल, लाखों की बकाया ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है.
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