देवास पटाखा फैक्ट्री हादसा: बिहार के मजदूरों की घर वापसी, तीन टीमों ने शुरू की ब्लास्ट की उच्च स्तरीय जांच

मध्य प्रदेश

देवास के एबी रोड पर टोंककलां में पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में घायल हुए तीन से चार श्रमिकों की हालत इंदौर व देवास के निजी अस्पतालों में अब भी नाजुक बनी हुई है। उधर, सामान्य रूप से घायल 11 श्रमिकों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जिनमें से शेष नौ की हालत में सुधार होने पर शुक्रवार को तहसीलदार सपना शर्मा और नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर की उपस्थिति में डिस्चार्ज कर दिया गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे संतोष कुमार, शशिकुमार पासवान, नासिर और छह अन्य को प्रशासनिक वाहनों से रेलवे स्टेशन भेजा गया।

🚆 घर वापसी की तैयारी: देवास से इटारसी और फिर दरभंगा के लिए होगी रवानगी

नायब तहसीलदार गुर्जर ने बताया कि डॉक्टरों द्वारा सभी की जांच के बाद स्थिति सामान्य पाए जाने पर ही डिस्चार्ज का फैसला लिया गया। इन सभी श्रमिकों को देवास से इटारसी पहुंचाया जा रहा है, जहां से वे दूसरी ट्रेन के माध्यम से बिहार के दरभंगा के लिए रवाना होंगे। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि मजदूरों को घर पहुंचने में किसी तरह की असुविधा न हो।

🔍 तीन टीमों ने शुरू की गहन जांच: कलेक्टर द्वारा गठित टीम पहुंची घटनास्थल

शुक्रवार को घटनास्थल पर तीन अलग-अलग टीमों ने पहुंचकर अपनी जांच शुरू कर दी है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह द्वारा गठित पहली टीम में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, श्रम विभाग और औद्योगिक सुरक्षा के अधिकारी शामिल हैं। दूसरी टीम एफएसएल (FSL) के भौतिक और रसायन विशेषज्ञों की है, जबकि तीसरी टीम बिजली विभाग (विविकं) की है, जो फैक्टरी में लगे ट्रांसफार्मर के लोड और विद्युत सुरक्षा की जांच कर रही है।

📱 श्रमिकों का दर्द: ‘धमाके में फूटे मोबाइल और कपड़े वेयर हाउस में सील’

डिस्चार्ज होने वाले श्रमिकों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि फैक्टरी में हुए भीषण धमाके में उनके मोबाइल फोन फूट गए हैं। उनके कपड़े, बैग और अन्य जरूरी सामान वेयर हाउस में रखे हैं, जिसे प्रशासन ने जांच के लिए सील कर दिया है। श्रमिकों को चिंता है कि उनका सामान उन्हें कैसे मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी जांच और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही वेयर हाउस खोला जाएगा।

⚖️ प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा: दोषियों पर शिकंजा कसने की तैयारी

घटना के बाद से ही प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। जांच टीमों की रिपोर्ट के आधार पर फैक्टरी संचालक और अन्य जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि भविष्य में इस तरह की अवैध और असुरक्षित फैक्ट्रियां संचालित न हो सकें। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और जांच दल साक्ष्य जुटाने में लगे हैं।

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