Dera Bassi Doctor Attack: सिविल अस्पताल के डॉक्टर पर जानलेवा हमला; आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर भड़के डॉक्टर्स, OPD बंद

पंजाब

डेराबस्सी पुलिस थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर सिविल अस्पताल के एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. जोत नूर पर हुए हमले ने शहर की कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से आक्रोशित अस्पताल के सभी डॉक्टरों और स्टाफ ने विरोध स्वरूप OPD सेवाएं बंद कर अस्पताल के अंदर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

🔎 क्या है पूरा मामला?

शुक्रवार सुबह जब डॉ. जोत नूर अपनी कार पार्क कर अस्पताल ड्यूटी पर जा रहे थे, तब दो अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें रोककर उनका पेशा पूछा। डॉक्टर द्वारा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ होने की बात कहने के तुरंत बाद हमलावरों ने उनसे धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह अपनी जान बचाकर डॉक्टर अपनी गाड़ी में बैठने में सफल रहे, जिसके बाद हमलावर फरार हो गए।

⚖️ कार्रवाई न होने पर डॉक्टर्स का गुस्सा

डॉक्टरों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस प्रशासन ने अब तक न तो हमलावरों की पहचान की है और न ही उन्हें पकड़ने में कोई तत्परता दिखाई है। उन्होंने कहा कि हेल्थ वर्कर्स पर लगातार हो रहे ये हमले चिंताजनक हैं। पहले भी कई बार ऐसी बदसलूकी की घटनाएं हुई हैं, लेकिन दोषियों पर सख्ती न होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

⚠️ सेवा बंद, लेकिन मरीजों का ख्याल

प्रदर्शन कर रहे स्टाफ ने स्पष्ट किया है कि जब तक हमलावर गिरफ्तार नहीं होते और डॉक्टरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक OPD सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेंगी। हालांकि, मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्होंने साफ किया है कि इमरजेंसी सेवाएं पहले की तरह ही सुचारू रूप से जारी रहेंगी ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो। मामले पर स्थानीय पुलिस के अधिकारियों का संपर्क न हो पाना भी प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।

संपादकीय टिप्पणी: चिकित्सा जैसे पवित्र पेशे से जुड़े लोगों पर इस तरह के हमले समाज के लिए शर्मनाक हैं। क्या डेराबस्सी में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है? अपने विचार कमेंट्स में साझा करें।

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