रांची में JPSC-JSSC परीक्षा में गड़बड़ी पर CBI जांच की मांग: बारिश के बीच जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का सत्याग्रह जारी

झारखण्ड

रांची (झारखंड): जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं की सीबीआई (CBI) जांच कराने और दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग को लेकर राजधानी रांची में अभ्यर्थियों का सत्याग्रह आंदोलन अनवरत जारी है।

ऐतिहासिक बापू वाटिका, मोरहाबादी से प्रारंभ हुआ यह जनांदोलन अब जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पूर्ण रूप से केंद्रित हो गया है। यहाँ विशाल संख्या में प्रतियोगी छात्र-छात्राएं दिन-रात धरने पर डटे हुए हैं। इस छात्र आंदोलन को अब केवल झारखंड ही नहीं, अपितु देश के विभिन्न राज्यों से भी व्यापक नैतिक और आध्यात्मिक समर्थन प्राप्त हो रहा है।

🌧️ तेज बारिश ने बढ़ाई आंदोलनकारियों की मुश्किलें, प्रशासन ने दिया अतिरिक्त टेंट लगाने की इजाजत

बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने आंदोलनरत अभ्यर्थियों की समस्याएं काफी बढ़ा दीं।

खुले आसमान के नीचे बैठे कई छात्रों को तेज बारिश में भीगकर रात व्यतीत करनी पड़ी, वहीं टेंट के भीतर भी पानी का भराव होने से भारी अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई। छात्रों ने जिला प्रशासन से अतिरिक्त वाटरप्रूफ टेंट लगाने की अनुमति मांगी थी, जिसे शुरुआत में नकार दिया गया था। किंतु अभ्यर्थियों के लगातार आग्रह के पश्चात प्रशासन ने एक छोटा अतिरिक्त टेंट लगाने की सशर्त अनुमति प्रदान कर दी। इसके बावजूद छात्र और बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे हैं ताकि खराब मौसम के बीच आंदोलन प्रभावित न हो।

🍲 दिल्ली-मुंबई से पहुंच रहा भोजन, सामाजिक संस्थाएं व फीडिंग एजेंसियां कर रही हैं निशुल्क व्यवस्था

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनरत अभ्यर्थियों हेतु भोजन, पेयजल व चिकित्सा की समुचित व्यवस्था जनसहयोग से की जा रही है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से समर्थकों एवं सामाजिक फीडिंग एजेंसियों के माध्यम से भोजन सामग्री पहुंचाई जा रही है। इसके साथ ही रांची की कई स्थानीय सामाजिक संस्थाएं भी आंदोलनकारियों की सहायता हेतु आगे आई हैं। सुबह के नाश्ते से लेकर दोपहर व रात्रि भोजन तक की व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क कराई जा रही है, जिससे धरने पर बैठे विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाओं की कोई किल्लत नहीं हो रही है।

💬 “बारिश से हौसले पस्त नहीं होंगे, टेंट अलग होने का मतलब गुटबाजी नहीं”: आंदोलनकारी छात्र

आंदोलन स्थल का दृश्य राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शनों की याद दिला रहा है, जहाँ व्यापक जनसहयोग से सत्याग्रह चलता है।

ईटीवी भारत की टीम द्वारा की गई बातचीत में अभ्यर्थियों ने साझा किया कि प्राकृतिक आपदा और बारिश से उनके मनोबल में कोई कमी नहीं आई है। जब तक मांगों पर ठोस प्रशासनिक निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। वहीं आंदोलन में गुटबाजी की अफवाहों को खारिज करते हुए छात्रों ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग टेंट भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने हेतु लगाए गए हैं, विचारों में कोई विभाजन नहीं है।

🪧 छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल जारी, कहा— “पूरे देश से मिल रहा समर्थन हमारी ताकत”

दूसरी ओर, अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने भी छात्रों की अभूतपूर्व एकजुटता का दावा किया।

उन्होंने कहा कि, “शुरुआत में कुछ भ्रांतियां अवश्य उत्पन्न हुई थीं, जिन्हें आपसी संवाद के माध्यम से पूरी तरह सुलझा लिया गया है। सभी परीक्षार्थी एक ही मंच के बैनर तले संगठित हैं और हमारा एकमात्र ध्येय पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाना है।” उन्होंने कहा कि संपूर्ण देश से मिल रहे अपार समर्थन ने इस सत्याग्रह को एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की है।

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