लुधियाना/अमृतसर: पंजाब के रेल मार्गों पर असामाजिक और शरारती तत्वों द्वारा ट्रेनों को निशाना बनाने का सिलसिला लगातार जारी है। ताजा मामले में दिल्ली से अमृतसर आ रही ट्रेन नंबर 14679 ‘दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस’ पर लुधियाना पहुंचने से ठीक पहले अज्ञात तत्वों द्वारा भारी पथराव करने की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। तेज गति से आ रही ट्रेन की खिड़की पर पत्थर लगने से कोच के तीन शीशे पूरी तरह चकनाचूर हो गए। इस अचानक हुए हमले से कोच के भीतर बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। गनीमत यह रही कि शीशे के टुकड़े लगने के बावजूद कोई भी यात्री गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने इसे रेल परिचालन में आपराधिक हस्तक्षेप और यात्रियों की जान को खतरे में डालने का गंभीर कृत्य मानते हुए अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
🔍 कंट्रोल रूम की सूचना और अमृतसर स्टेशन पर संयुक्त जांच
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फिरोजपुर कंट्रोल रूम को सूचना: रेलवे सुरक्षा बल से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 6 अक्टूबर को मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष (डीएससीआर) फिरोजपुर से स्थानीय आरपीएफ को सूचना मिली थी कि एक चलती ट्रेन पर पत्थर मारा गया है जिससे कोच की खिड़की का शीशा टूटा है। सूचना मिलते ही आरपीएफ के उप-निरीक्षक विजयपाल सिंह और सहायक उप-निरीक्षक चमन लाल ने ट्रैक के आसपास गश्त कर जांच की, हालांकि उस समय कोई संदिग्ध नजर नहीं आया।
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अमृतसर स्टेशन पर निरीक्षण: 7 अक्टूबर को हेल्पलाइन 139 के इनपुट मिलने पर आरपीएफ पोस्ट अमृतसर के सहायक उप-निरीक्षक रणवीर सिंह ने सीएंडडब्ल्यू विंग और जूनियर इंजीनियर रोहित कुमार के साथ संयुक्त रूप से ट्रेन की पड़ताल की। मंगलवार रात करीब 10:25 बजे जब ट्रेन अमृतसर के प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर पहुंची, तो कोच नंबर NR 246321 (LWSCZ) में सीट नंबर 43, 44 और 45 के पास की खिड़की के दोनों तरफ के कुल 3 शीशे टूटे हुए पाए गए।
⚖️ रेलवे एक्ट के तहत एफआईआर और सीसीटीवी फुटेज की जांच
तकनीकी जांच और यात्रियों के इनपुट के आधार पर यह साफ हुआ है कि जब ट्रेन लुधियाना स्टेशन की सीमा में प्रवेश करने वाली थी, तब ट्रैक के बाईं तरफ से किसी अज्ञात उपद्रवी ने चलती ट्रेन पर भारी पत्थर फेंका था।
आरपीएफ ने यात्रियों और रेलकर्मियों की जान को खतरे में डालने के आरोप में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 153 और 147 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की तफ्तीश एसआई विजयपाल सिंह को सौंपी गई है। रेलवे सुरक्षा बल और अन्य खुफिया एजेंसियां लुधियाना से पहले पड़ने वाले रेलवे ट्रैक, आउटर सिग्नल, पुलियों और आसपास के रिहायशी इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं ताकि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
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