बिहार के दरभंगा जिले में 6 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस घटना के विरोध में हुई हिंसा और पुलिस पर पथराव के मामले में विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने थानाध्यक्ष के बयान पर 30 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है.
घटना शनिवार रात की है. आरोपी विकास महतो तालाब किनारे खेल रही तीन बच्चियों में से पीड़िता को जबरदस्ती अपने साथ ले गया था. साथ खेल रही अन्य बच्चियों ने उसे ले जाते देखा था, लेकिन पड़ोसी होने के कारण उन्हें किसी अनहोनी का शक नहीं हुआ. जब बच्ची देर रात तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की. तालाब के किनारे कुत्तों के लगातार भौंकने वाली जगह पर जब लोग पहुंचे, तो वहां बच्ची का खून से लथपथ शव बरामद हुआ.
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी विकास महतो पेशे से टेंपो चालक है. वो नशे का आदी है, जिसके कारण उसकी तीन पत्नियां उसे छोड़कर जा चुकी हैं. वर्तमान में वह अपने माता-पिता के साथ रहता था.
हिंसा और पुलिस की जवाबी कार्रवाई
रविवार सुबह जैसे ही बच्ची की हत्या की खबर फैली, आक्रोशित लोगों ने बेला मोड़ के पास सड़क जाम कर दिया. उग्र भीड़ ने आरोपी को उनके हवाले करने की मांग करते हुए पुलिस पर पथराव किया और गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डीएम कौशल कुमार और एसएसपी जगुनाथ रेड्डी को खुद मोर्चा संभालना पड़ा. पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया और इलाके में शांति बहाल की.
पुलिस की कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल का भरोसा
एसडीपीओ राजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने रविवार देर रात छापेमारी कर 6 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने बताया कि इलाके में अब स्थिति पूरी तरह सामान्य और शांतिपूर्ण है. शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी.
पुलिस कोर्ट से स्पीडी ट्रायल का अनुरोध करेगी ताकि आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जा सके. विश्वविद्यालय थानाध्यक्ष सुधीर कुमार के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के जरिए अन्य उपद्रवियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं.
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