नए साल पर श्रद्धालुओं की भीड़, काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन बंद

उत्तर प्रदेश

साल के आखिरी हफ्ते में तीर्थंयात्रियों और पर्यटकों का हुजूम काशी में उमड़ पड़ा है. रोज दो से ढाई लाख पर्यटक और श्रद्धालु काशी पहुंच रहे हैं. इस भीड़ को देखते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने बुधवार से स्पर्श दर्शन पर रोक लगा दी है. 24 दिसंबर से तीन जनवरी तक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन पर रोक रहेगी. एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि अभी से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो चुका है.

देश के कोने-कोने से श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं. मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिग जैग लाइन व्यवस्था के माध्यम से श्रद्धालुओं को परिसर में भेजा जाएगा. रोज दो लाख से ज्यादा श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं. साल के आखिरी और नए साल के पहले दिन यानी कि 31 दिसंबर और एक जनवरी को श्रद्धालुओं की संख्या छह लाख त क पहुंचने की संभावना है.

टूरिस्ट डेस्टिनेशन में टाॅप पर पहुंचा काशी

नए साल पर अब धूम धड़ाका की जगह ईश्वर के प्रति धन्यवाद और परिवार के कल्याण की कामना के लिए काशी विश्वनाथ आने की नई परम्परा बनी है. ऑल इंडिया टूरिस्ट फेडरेशन के कोऑर्डिनेटर एके सिंह ने बताया कि विशेष रूप से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर बनने के बाद से नए साल पर काशी आने वाले पर्यटकों की संख्या देश में किसी भी टूरिस्ट डेस्टिनेशन की तुलना में सबसे ज्यादा है.

काशी ने 3 साल पहले तोड़ा गोवा का रिकाॅर्ड

आगरा और गोवा को वाराणसी ने तीन साल पहले ही पीछे छोड़ दिया है. दस साल पहले तक वेस्टर्न कांसेप्ट पर धूम धड़ाके के साथ कॉकटेल न्यू ईयर मनाने की एक परम्परा थी. लवर्स पॉइंट आगरा या बीच पॉइंट गोवा, दुबई और काठमांडू जाने का ट्रेंड था. लेकिन अब परिवार के कल्याण की कामना लिए, साल भर सुख-शांति और समृद्धि के लिए बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने की नई परम्परा बन गई है. आश्चर्य ये है कि सबसे ज्यादा ईयर एन्ड पर यूथ काशी आ रहे हैं.

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