Construction Cost Hike: ईंटों और निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों ने तोड़ी आम आदमी की कमर, मकान बनाना हुआ महंगा

पंजाब

महंगाई का असर अब केवल रसोई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने आम आदमी के सपनों के घर बनाने की उम्मीदों को भी झटका दिया है। ईंटों की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने गरीब और मध्यम वर्ग की चिंताएं बढ़ा दी हैं। वर्षों की मेहनत की कमाई से मकान बनाने का सपना संजोने वाले लोग अब निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों के आगे बेबस नजर आ रहे हैं।

💸 ईंटों के दाम 9,000 रुपये प्रति हजार के पार

स्थानीय बाजारों में निर्माण सामग्री की कीमतों में भारी उछाल आया है। वर्तमान में एक हजार ईंटों की कीमत 8,000 से 9,000 रुपये तक पहुंच गई है। केवल ईंट ही नहीं, बल्कि सीमेंट, सरिया, रेत और मजदूरी के दाम भी आसमान छू रहे हैं। लोगों का कहना है कि पहले जो बजट एक मकान का बड़ा ढांचा तैयार करने के लिए काफी था, अब उसी राशि में मुश्किल से नींव का काम पूरा हो पा रहा है।

🛑 ठप हुए निर्माण कार्य, मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट

बढ़ती कीमतों का सीधा असर निर्माण कारोबार पर पड़ा है। कई परिवारों ने बजट बिगड़ने के कारण अपने मकान का निर्माण कार्य बीच में ही रोक दिया है, जबकि कई लोगों ने घर बनाने की अपनी योजना को फिलहाल टाल दिया है। निर्माण सामग्री विक्रेताओं का कहना है कि ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आई है। इस मंदी का बुरा असर दैनिक मजदूरी करने वाले श्रमिकों पर भी पड़ा है, जिनके लिए काम मिलना मुश्किल हो गया है।

📢 सरकार से राहत की गुहार

आम लोगों ने सरकार से मांग की है कि निर्माण सामग्री की कीमतों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। मध्यम वर्ग का कहना है कि यदि महंगाई का यह ग्राफ इसी तरह ऊपर जाता रहा, तो अपना पक्का घर बनाना उनके लिए केवल एक सपना बनकर रह जाएगा। सरकार की ओर से कीमतों में स्थिरता लाना अब आम जनता की एक बड़ी जरूरत बन गया है।

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