सिल्क सिटी समेत पूरा बिहार इन दिनों कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर की गिरफ्त में है. नए साल की शुरुआत से ही मौसम ने ऐसा मिज़ाज दिखाया है कि सुबह होते ही जनजीवन ठहर-सा गया है. देर रात से छाया घना कुहासा दिन चढ़ने के बावजूद छंटने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे शहर के कई इलाकों में दृश्यता लगभग शून्य तक पहुंच गई है.
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर सड़क यातायात पर पड़ा है. सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं और कई जगहों पर जाम जैसी स्थिति बन गई है. दोपहिया चालकों और पैदल चलने वालों के लिए सफर जोखिम भरा हो गया है. ठंड का प्रकोप इतना तेज है कि लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं. चौक-चौराहों पर अलाव ही लोगों के लिए एकमात्र सहारा बने हुए हैं.
मौसम विभाग के अनुसार, भागलपुर में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि अधिकतम तापमान 11 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. ठंड की यह स्थिति केवल भागलपुर तक सीमित नहीं है. 1 और 2 जनवरी 2026 को बिहार के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ असर दिखाया है. गया में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, वहीं राजगीर समेत आसपास के इलाकों में भी घना कोहरा और कोल्ड डे की स्थिति बनी रही.
मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए भागलपुर समेत आसपास के कई जिलों के लिए अगले पांच दिनों तक कोल्ड डे को लेकर अलर्ट जारी किया है. कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट भी घोषित किया गया है. विभाग ने खास तौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सतर्क रहने, सुबह-शाम अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम करने की सलाह दी है.
कुल मिलाकर, नए साल के शुरुआती दिनों में ही ठंड ने पूरे बिहार में अपना कहर दिखा दिया है और फिलहाल राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं.
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