नई दिल्ली: नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक और देश की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ शनिवार को दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर छात्रों के आक्रोश का केंद्र बन गया। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में जेएनयू (JNU) के छात्रों और विभिन्न शैक्षणिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित लगभग 450 प्रदर्शनकारी शामिल हुए हैं।
✈️ अमेरिका से दिल्ली पहुंचे अभिजीत दिपके: शांतिपूर्ण आंदोलन का आह्वान
पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुंचे। आईजीआई एयरपोर्ट से निकलते ही उन्होंने अपने समर्थकों से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन का उद्देश्य अराजकता फैलाना नहीं, बल्कि सिस्टम में सुधार लाना है। उन्होंने समर्थकों से अपने साथ तिरंगा, किताबें और पुलिसकर्मियों के लिए सहानुभूति के प्रतीक के रूप में फूल लाने का आग्रह किया।
⚖️ कानूनी अनुमति और पुलिस की चौकसी: संसद मार्ग पर बढ़ाई गई सुरक्षा
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को प्रदर्शन की अनुमति प्रदान की है। प्रदर्शन को देखते हुए संसद मार्ग और नई दिल्ली क्षेत्र में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे। अभिजीत दिपके ने स्वयं पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचकर प्रदर्शन संबंधी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया पूरी की।
📑 परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्रों का संघर्ष: सोनम वांगचुक की भी नजर
CJP का यह प्रदर्शन केवल नीट पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सीबीएसई (CBSE), सीयूईटी (CUET) और एसएससी-जीडी (SSC-GD) जैसी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छात्रों का भविष्य अधर में है और अब जवाबदेही तय होनी चाहिए। इस आंदोलन को शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक का भी परोक्ष समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने पहले ही अपनी भागीदारी के संकेत दिए थे।
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