छिंदवाड़ा: उज्जैन के बाद अब छिंदवाड़ा में जमीन की खरीद-फरोख्त का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। जुन्नारदेव के कांग्रेस विधायक सुनील उईके ने छिंदवाड़ा सांसद बंटी विवेक साहू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिले में 147 आदिवासी किसानों की जमीन कन्वर्ट कर भू-माफियाओं द्वारा खरीदी गई है। इस खुलासे के बाद जिले की राजनीति में हलचल मच गई है।
⚖️ मानहानि का नोटिस और विधायक का रुख
सांसद बंटी विवेक साहू द्वारा भेजे गए मानहानि के नोटिस पर विधायक सुनील उईके ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उईके ने कहा, “जिसका मान ही नहीं बचा, वह मानहानि की बात क्या करेगा?” उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आदिवासियों के हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे, चाहे उन्हें कितने ही नोटिस क्यों न मिल जाएं। उईके ने सांसद को ‘प्रशासनिक सांसद’ बताते हुए उन पर जनमत के अपमान का आरोप भी लगाया।
🎥 विवाद की जड़: क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत चारगांव प्रहलाद में जमीन विवाद से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। एक युवक द्वारा सांसद बंटी विवेक साहू पर संरक्षण देने का आरोप लगाने वाले वीडियो को विधायक सुनील उईके ने आगे बढ़ाया था, जिसके बाद सांसद ने उईके को मानहानि का नोटिस भेजकर 7 दिन में जवाब मांगा। उईके ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और नोटिस की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है।
🎙️ सांसद बंटी विवेक साहू का पलटवार
सांसद बंटी विवेक साहू ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे आदिवासियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने उईके को चुनौती देते हुए कहा, “अगर कहीं कोई गड़बड़ हुई है तो हाई कोर्ट जाएं, मैं जांच का समर्थन करता हूं।” सांसद ने उल्टा उईके पर परासिया में सरकारी जमीन पर अवैध शॉपिंग मॉल बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए।
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