Chhapra Ammonia Gas Leak: छपरा के कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस का रिसाव; तेज धमाके के बाद मची अफरा-तफरी, 4 बीमार

बिहार

बिहार के सारण जिले के छपरा शहर से एक बड़ी दुर्घटना सामने आई है. यहां के एक कोल्ड स्टोरेज में अचानक अमोनिया गैस का भारी रिसाव (Gas Leak) शुरू हो गया. इस जहरीली गैस की चपेट में आने से चार स्थानीय लोगों की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है. यह खतरनाक घटना छपरा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले साढ़ा ढाला मोहल्ले स्थित ‘रामा कोल्ड स्टोरेज’ की है. गुरुवार देर रात अचानक कोल्ड स्टोरेज के भीतर से अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हुआ. स्थानीय निवासियों के मुताबिक, गैस रिसाव से ठीक पहले परिसर में एक बहुत तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी थी, जिसके तुरंत बाद यह जहरीली गैस तेजी से आसपास के पूरे रिहाइशी इलाके में फैलने लगी.

🤢 बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर, आंखों में जलन और सांस फूलने के बाद रात में ही खाली हुआ मोहल्ला

कुछ ही मिनटों के भीतर पूरे साढ़ा ढाला मोहल्ले में अमोनिया की तीखी दुर्गंध फैल गई और लोगों को आंखों में भयंकर जलन, सांस लेने में अत्यधिक परेशानी, चक्कर आना और लगातार उल्टी जैसी गंभीर शारीरिक समस्याएं होने लगीं. गैस की सीधी चपेट में आने से छह वर्षीय रोशन, पांच वर्षीय अभय कुमार, 16 वर्षीय किरण कुमारी और 52 वर्षीय मोनाको देवी की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई. चारों को फौरन एंबुलेंस के जरिए छपरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया. इनमें से एक किशोरी की नाजुक हालत को देखते हुए उसे डॉक्टरों की निगरानी में अस्पताल के विशेष वार्ड में भर्ती कर उपचार जारी रखा गया है.

हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. गैस के खौफ से बड़ी संख्या में लोग आधी रात को ही अपने मासूम बच्चों और बुजुर्गों को लेकर घरों से बाहर निकल आए. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीमें दलबल के साथ मौके पर पहुंच गईं. वातावरण में फैली गैस के प्रभाव को निष्क्रिय करने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने प्रभावित इलाके और कोल्ड स्टोरेज परिसर पर लगातार पानी की बौछारें कीं.

⚠️ एसडीएम नितेश कुमार की जांच में बड़ा खुलासा: कोल्ड स्टोरेज में नहीं थे पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम

घटना के बाद शुरू हुई प्रशासनिक जांच के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा सामने आया है. सारण के एसडीएम (SDM) नितेश कुमार ने मीडिया को बताया कि कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था, जिसे नियंत्रित करने के लिए तकनीकी टीम की मदद से मुख्य सप्लाई लाइन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है. उन्होंने मौके पर स्वीकार किया कि रामा कोल्ड स्टोरेज में आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम मौजूद नहीं थे. प्रशासन का यह बयान बेहद चिंताजनक है, क्योंकि अमोनिया जैसी खतरनाक और ज्वलनशील गैस का उपयोग करने वाले औद्योगिक प्रतिष्ठानों में राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों और एनओसी (NOC) का पालन करना कानूनी रूप से अनिवार्य माना जाता है.

🔥 मुजफ्फरपुर अस्पताल हादसे के बाद छपरा में लापरवाही, सुरक्षा नियमों पर उठे गंभीर सवाल

इस भयानक घटना से स्थानीय नागरिकों में प्रशासन और औद्योगिक सुरक्षा विभाग के खिलाफ भारी गुस्सा है. आक्रोशित लोगों का कहना है कि खतरनाक रसायनों और गैसों का इस्तेमाल करने वाले ऐसे व्यावसायिक संस्थानों की नियमित तकनीकी जांच और सुरक्षा ऑडिट क्यों नहीं किया जाता है? यदि समय रहते दमकल विभाग और तकनीकी टीम ने गैस रिसाव पर काबू नहीं पाया होता, तो यह हादसा भोपाल गैस त्रासदी की तरह बेहद गंभीर और जानलेवा साबित हो सकता था.

लगातार सामने आ रही ऐसी औद्योगिक दुर्घटनाएं यह साफ संकेत दे रही हैं कि सुरक्षा नियमों का पालन सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गया है, जबकि आम नागरिकों की जान हमेशा जोखिम में बनी हुई है. गौरतलब है कि इससे ठीक पहले बिहार के ही मुजफ्फरपुर जिले में एक निजी अस्पताल के ICU में भीषण आग लगने से 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे. वह हादसा भी बुधवार देर रात करीब 3 बजे हुआ था, जिससे राज्य की फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं.

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