चंडीगढ़: भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को ध्यान में रखते हुए लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शहर में कई पाबंदियां लगाने का फैसला किया गया है। मंगलवार दोपहर को जिला प्रशासन ने ये पाबंदियां लागू की हैं। सेना, पुलिस, अर्धसैनिक बलों और पैरा मिलिट्री फोर्स की वर्दियों के साथ-साथ इन सभी श्रेणियों से संबंधित लोगो, झंडों और स्टीकरों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। डी.सी. निशांत कुमार यादव ने कहा कि इन आदेशों का सभी को सख्ती से पालन करना होगा। शहर में कोई भी दुकानदार इस तरह का सामान न तो बेच सकता है और न ही किसी भी प्रकार के सरकारी या निजी वाहन पर सेना या पैरा मिलिट्री फोर्स से संबंधित कोई स्टीकर, लोगो या झंडा लगाया जा सकता है। ये आदेश फिलहाल 3 जुलाई तक लागू रहेंगे।
बी.पी.ओ., कॉल सेंटर के बारे में पूरी जानकारी दें
शहर में चल रहे बी.पी.ओ., कॉल सेंटर, कॉर्पोरेट हाउस और निजी कंपनियों में दिन और रात के समय कर्मचारियों को छोड़ने के लिए रखे गए चालकों का वेरिफिकेशन जरूरी है। 24 घंटे काम करने वाले संस्थानों को सिक्योरिटी गार्डों और पिक एंड ड्रॉप के लिए हायर की गई गाड़ियों के चालकों की पूरी जानकारी अपने पास रखना अनिवार्य है।
पूरी वेरिफिकेशन के बाद ही दें कमरा : डी.सी.
समाज विरोधी तत्वों के होटलों, रेस्टोरेंटों, सरायों या गेस्ट हाउसों में छिपे होने की संभावना है, जो लोगों की सुरक्षा और शांति के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। इसलिए इन सभी जगहों पर किसी को भी किराए पर जगह देने से पहले प्रशासन द्वारा पहले से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है। इन सभी संस्थानों के लिए किसी भी तरह के आतंकी हमले को रोकने और शांति बनाए रखने हेतु इन निर्देशों का पालन अनिवार्य है। सभी जगहों पर ठहरने वाले लोगों से पूरी पहचान का सबूत लेने के बाद ही उन्हें किराए पर जगह दी जाए। आने वाले सभी व्यक्तियों के आईडी प्रूफ लेकर रजिस्टर हर हाल में मेंटेन करने को कहा गया है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad