रायपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस (Chhattisgarh Congress) में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच शुक्रवार की रात राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है। राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम की ओर से राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के लिए आयोजित डिनर ने सियासी हलकों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। भले ही इसे राज्यसभा सदस्य बनने के बाद का एक औपचारिक ‘कर्टसी डिनर’ (Courtesy Dinner) बताया जा रहा हो, लेकिन इसके समय और इसमें शामिल होने वाले नेताओं को देखते हुए इसके गहरे राजनीतिक मायने भी तलाशे जा रहे हैं।
मंच पर जुटेंगे दिग्गज नेता, फूलोदेवी नेताम भी दावेदार!
जानकारी के अनुसार, इस खास डिनर में कांग्रेस के कई बड़े चेहरे शामिल होंगे। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व उपमुख्यमंत्री, पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। लंबे समय बाद पार्टी के कई प्रभावशाली नेताओं का एक साथ एक मंच पर जुटना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने हाल ही में अपने कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे किए हैं। संगठन में सामान्यतः प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का ही माना जाता है, इसलिए अब नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच फूलोदेवी नेताम का नाम भी संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है, जिससे इस डिनर को ‘डिनर डिप्लोमेसी’ के रूप में देखा जा रहा है।
दीपक बैज को दोबारा जिम्मेदारी या मिलेगा नया चेहरा?
कांग्रेस के एक वर्ग का मानना है कि संगठन की मजबूती को देखते हुए पार्टी नेतृत्व मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज (Deepak Baij) पर ही दोबारा भरोसा जता सकता है। वहीं, पार्टी के भीतर ऐसे नेताओं की भी कमी नहीं है जो संगठन में नए नेतृत्व की संभावना देख रहे हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव (TS Singh Deo) समेत कई वरिष्ठ नेताओं के नाम भी संभावित अध्यक्षों की सूची में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
डिनर के बाद के राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी नजरें
हालांकि, आधिकारिक तौर पर कांग्रेस की ओर से इस आयोजन को पूरी तरह शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे समय में जब संगठनात्मक बदलाव की चर्चाएं जोरों पर हों, तब वरिष्ठ नेताओं की यह अहम बैठक कई बड़े संकेत दे सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि इस डिनर के बाद पार्टी के भीतर क्या नई राजनीतिक हलचल देखने को मिलती है और प्रदेश अध्यक्ष के सवाल पर शीर्ष नेतृत्व आगे क्या अंतिम फैसला करता है।
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