बस्तर: छत्तीसगढ़ के लिए आज ऐतिहासिक दिन है. लगातार कमजोर पड़ते माओवादी अब पुनर्वास कर रहे हैं. इसी कड़ी में MMC जोन के सेंट्रल कमेटी मेम्बर रामधेर सहित 12 माओवादियों ने अपना हथियार छोड़ा है और मुख्यधारा में शामिल हुए हैं. सभी नक्सली राजनांदगांव जिला मुख्यालय में पुलिस अधिकारियों और डिप्टी सीएम विजय शर्मा के सामने सरेंडर कर पुनर्वास नीति का लाभ लेंगे.
रामधेर की पूरी टीम को जंगल से बाहर निकलने में सहयोग करने के लिए ETV भारत के संवाददाता सुनील कश्यप करीब 400 किलोमीटर दूर खैरागढ़ जिले के बकरकट्टा थाना क्षेत्र के जंगल में पहुंचे. कड़कड़ाती ठंड के बीच हथियारबंद माओवादियों को जंगल से निकलने में सहायता की. जिसके बाद पुलिस की टीम सभी माओवादियों को बकरकट्टा थाना लेकर पहुंची. जहां से जरूरी कार्रवाई कर बकरकट्टा थाना पुलिस राजनांदगांव लेकर पहुंच रही है.
सरेंडर माओवादियों की जानकारी
1- रामधेर मज्जि – CCM- ak-47
2- चंदू दादा- DVCM- 30 कार्बन
3- ललिता- DVCM-
4- जानकी- DVCM- इंसास
5- प्रेम- DCVM- Ak-47
6- रामसिंह दादा- Acm- 303
7- सुकेश- ACM- Ak-47
8- लक्ष्मी- PM- इंसास
9- शीला- PM- इंसास
10- सागर- PM- SLR
11- कविता- PM- 303
12- योगिता- PM
राजनांदगांव पुलिस की सरेंडर की अपील
बता दें 27 नवंबर को महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ यानी एमएमसी जोन कमेटी के प्रवक्ता अनंत ने एक प्रेस नोट जारी किया और सुरक्षाबलों से सीजफायर की मांग की थी. 1 जनवरी 2026 तक का समय आत्मसमर्पण के लिए मांगा था और सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन को रोकने निवेदन किया था. जिसके बाद राजनांदगांव एसपी अंकिता शर्मा ने नक्सलियों से सरेंडर की अपील की थी.
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