मोरिंडा : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के हेड ऑफिस से श्री गुरु ग्रंथ साहिब की 328 पवित्र स्वरूप गायब होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में कमेटी के 16 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ पहले ही केस दर्ज हो चुके हैं, जिसके बाद बनाई गई SIT ने पूरे पंजाब में 15 और जगहों पर छापेमारी की, जबकि मोरिंडा के वेरका चौक के पास परमदीप सिंह खटरा पुत्र काका सिंह, गांव रतनगढ़ हाल निवासी वार्ड-6 के घर पर छापेमारी की गई। वह उस समय शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, श्री अमृतसर के हेड ऑफिस की पब्लिकेशन ब्रांच के इंचार्ज थे। पुलिस अधिकारियों ने सुबह करीब 7 बजे छापेमारी शुरू की।
छापेमारी के दौरान परमदीप सिंह खटरा के घर को पुलिस टीम ने पूरी तरह से सील कर दिया था। इस दौरान SIT टीम के सदस्यों के अलावा न तो परिवार के किसी सदस्य को घर से बाहर निकलने दिया गया और न ही किसी और को घर में अंदर आने दिया गया। जांच टीम की तरफ से जांच प्रक्रिया पूरी सावधानी और गोपनीयता के साथ की गई। यह मामला सिख समुदाय की भावनाओं से गहरा जुड़ा है, जिसके चलते पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई लापरवाही नहीं दिखाई जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, SIT टीम ने परमदीप सिंह खटरा से गहराई से पूछताछ की और उनके घर की तलाशी भी ली ताकि लापता सरूप के मामले से जुड़े कोई भी डॉक्यूमेंट, रिकॉर्ड या दूसरे ज़रूरी सबूत मिल सकें।
इस मौके पर जांच टीम ने परमदीप सिंह खटरा के फाइनेंशियल लेन-देन और पब्लिकेशन ब्रांच से जुड़े रिकॉर्ड पर भी खास ध्यान दिया। करीब 7 घंटे की लंबी जांच के बाद अमृतसर से आई पुलिस पार्टी वापस लौट गई। शायद इस जांच के दौरान पुलिस को परमदीप सिंह और घर से पुलिस के हाथ कुछ लगा हो या इस बारे में जांच करने आए पुलिस अधिकारियों ने कुछ भी बताने से मना कर दिया। जांच करने वाली पुलिस पार्टी दोपहर करीब 2:30 बजे परमदीप सिंह के घर से निकली। इस दौरान जांच टीम में शामिल पुलिस अधिकारियों ने पत्रकारों को पास नहीं आने दिया।
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