खन्ना के थाने में आत्मदाह: ठगी के पीड़ित व्यवसायी गोबिंद सिंह ने खुद को लगाई आग, ढोंगी बाबा समेत 4 गिरफ्तार

पंजाब

खन्ना (पंजाब): पंजाब के खन्ना स्थित थाना सिटी-1 में एक अत्यंत दुखद एवं रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

ठगी की शिकायत लेकर इंसाफ की आस में थाने पहुंचे एक पीड़ित व्यवसायी ने थाना परिसर के ही शौचालय में खुद पर ज्वलनशील पदार्थ (पेट्रोल) छिड़क कर आग लगा ली, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि मृतक ने अपनी पूर्व शिकायत में ही स्पष्ट लिख दिया था कि यदि उसके साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसके जिम्मेदार नामजद लोग होंगे। घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

🔮 किस्मत बदलने का झांसा देकर ढोंगी बाबा चरण दास ने ठगे थे 73 हजार रुपये, मांगने पर दे रहा था धमकियां

मृतक की पहचान लुधियाना के ईशर नगर निवासी 45 वर्षीय गोबिंद सिंह के रूप में की गई है, जो दवा (मेडिकल) का कारोबार करते थे।

व्यवसाय में वित्तीय नुकसान के दौर से गुजरते समय गोबिंद सिंह खन्ना के ललहेड़ी रोड निवासी चरण दास नामक व्यक्ति के संपर्क में आए थे। चरण दास खुद को सिद्ध बाबा बताकर लोगों की समस्याएं दूर करने और किस्मत बदलने के नाम पर पैसे ऐंठता था। आरोपों के अनुसार, चरण दास ने गोबिंद सिंह से 73 हजार रुपये ऐंठ लिए। जब कोई सुधार नहीं हुआ, तो गोबिंद ने अपनी रकम वापस मांगी। आरोपी ने महज 20 हजार रुपये लौटाए और शेष 53 हजार रुपये हड़पने की नीयत से अपने सहयोगियों—मक्खन सिंह, जुगराज सिंह जिम्मी और इंदरप्रीत सिंह ईशु के साथ मिलकर उन्हें जान से मारने की धमकियां देना शुरू कर दिया।

🔥 थाने के बाथरूम में पेट्रोल छिड़क कर लगाई आग, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

इस उत्पीड़न से तंग आकर गोबिंद सिंह ने थाना सिटी-1 में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

सोमवार को गोबिंद सिंह अपनी शिकायत पर कार्रवाई का हाल जानने पुनः थाने पहुंचे थे। इसी दौरान वे थाने के बाथरूम में गए। काफी समय बीत जाने के बाद जब वे बाहर नहीं निकले, तो पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़ा, जहां वे गंभीर रूप से झुलसे मिले और उनकी मौत हो चुकी थी। घटना के तुरंत बाद पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की निष्पक्ष ‘मजिस्ट्रेट जांच’ के आदेश दिए। तत्पश्चात पुलिस ने मृतक की पूर्व शिकायत को आधार बनाते हुए आरोपी चरण दास और उसके तीनों सहयोगियों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) की धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

❓ शिकायत के बाद भी क्यों नहीं मिली सुरक्षा? DSP विनोद कुमार बोले—’हर एंगल से हो रही है जांच’

इस अत्यंत संवेदनशील घटना ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की ढिलाई को बेनकाब कर दिया है।

क्षेत्र के नागरिकों में आक्रोश है कि यदि पुलिस ने समय रहते पीड़ित की शिकायत पर गंभीरता दिखाते हुए सुरक्षा और विधिक कार्रवाई की होती, तो एक बेगुनाह व्यवसायी की जान बचाई जा सकती थी। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि सुरक्षा के सख्त पहरे वाले थाने के भीतर पीड़ित व्यक्ति पेट्रोल लेकर कैसे दाखिल हुआ? मामले पर डीएसपी (DSP) विनोद कुमार ने आधिकारिक बयान में कहा कि पूरी घटना की गहनता और हर संभावित कोण (Angle) से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य या लापरवाही सामने आएगी, उसके अनुसार वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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