उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से ‘धार्मिक भावनाएं आहत करने’ के आरोप का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक स्थानीय मंदिर परिसर के अंदर नमाज पढ़ने के आरोप में पुलिस ने एक मजदूर और एक किसान सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. यह पूरी घटना तब हुई जब बाहर बेहद तेज बारिश हो रही थी और शुरुआती दावों के मुताबिक, एक स्थानीय हिंदू किसान की मानवीय सलाह पर ही मजदूर ने बारिश से बचने के लिए मंदिर के शेड के नीचे नमाज अदा की थी.
🌧️ तेज बारिश से बचने के लिए मंदिर में ली थी शरण, किसान ने ही दी थी नमाज पढ़ने की सलाह
मीडिया रिपोर्ट्स (टाइम्स ऑफ इंडिया) के मुताबिक, यह पूरी घटना बुलंदशहर के औरंगाबाद इलाके के अंतर्गत आने वाले औलीना गांव की है. पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, 31 मई को बुलंदशहर के जेहरा गांव का रहने वाला 56 वर्षीय मजदूर असर मोहम्मद अपने साथी नजर मोहम्मद (40) के साथ स्थानीय किसान राज कुमार के खेत और घर पर मजदूरी का काम कर रहा था. राज कुमार का घर गांव के स्थानीय मंदिर के ठीक बगल में स्थित है. दोपहर में लंच के समय अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई. बारिश से बचने के लिए असर मोहम्मद पास ही स्थित मंदिर परिसर के शेड के अंदर चला गया. स्थानीय दावों के अनुसार, बाहर मूसलाधार बारिश होते देख मकान मालिक राज कुमार ने ही असर मोहम्मद को सलाह दी कि वह परेशान न हो और मंदिर के अंदर खाली जगह पर ही अपनी नमाज पढ़ सकता है. इस दौरान उसका साथी नजर मोहम्मद भी वहीं पास में मौजूद था.
📱 सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद, ग्रामीणों से बहस के बाद पुलिस ने दर्ज की FIR
इस पूरी घटना के दौरान किसी स्थानीय व्यक्ति ने चुपके से इसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद गांव के कुछ लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई. जब ग्रामीणों के एक गुट ने मंदिर में नमाज पढ़ने का विरोध किया, तो किसान राज कुमार अपने मजदूर के बचाव में आ गया और ग्रामीणों से कानूनी व नैतिक बहस करने लगा. मामला बढ़ता देख स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और सब-इस्ंपेक्टर अभिषेक तेवतिया की लिखित शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार को तीनों आरोपियों—असर मोहम्मद, नजर मोहम्मद और किसान राज कुमार को गिरफ्तार कर लिया.
⚖️ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में केस दर्ज, औलीना गांव में पुलिस बल तैनात
बुलंदशहर के एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है और मौके पर मौजूद चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के खिलाफ नई कानून व्यवस्था भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) और धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से किया गया दुर्भावनापूर्ण या विद्वेषपूर्ण कार्य) के तहत केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है. पुलिस प्रशासन के अनुसार, फिलहाल गांव में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है, और पुलिस सोशल मीडिया व धरातल पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों पर पैनी नजर रख रही है.
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