Book Fair 2026: किताबें ज्ञान और संस्कृति का सेतु! रवींद्र नाथ महतो ने बुक फेयर को बताया विचारों का महामंच

झारखण्ड

धनबादः झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने धनबाद में आयोजित बुक फेयर के उद्घाटन अवसर पर किताबों और संस्कृति के महत्व को प्रमुखता से रखा. उन्होंने कहा कि पुस्तक मेला केवल पुस्तकों का आयोजन नहीं, बल्कि ज्ञान, विचार और सांस्कृतिक संवाद का एक सशक्त मंच है. उनके अनुसार, किताबों में संचित ज्ञान समाज को दिशा देता है और पाठकों के भीतर नई सोच तथा सृजन की भावना को जन्म देता है.

धनबाद के लोग ज्ञान के प्रति सजग हैंः विधानसभा अध्यक्ष

रबींद्र नाथ महतो ने कहा कि धनबाद, जो झारखंड की आर्थिक राजधानी के रूप में जाना जाता है, वहां के लोग आज भी ज्ञान के प्रति सजग हैं और ऐसे आयोजन उन्हें पुस्तकों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं.

कई जाने-माने लोग मौजूद रहे

शुक्रवार रात धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में आयोजित दस दिवसीय बुक फेयर का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया. इस मौके पर निरसा विधायक अरूप चटर्जी, धनबाद विधायक राज सिन्हा, टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे.

हिंदी, अंग्रेजी और बांग्ला भाषा की पुस्तकों का विशाल संग्रह

3 अप्रैल से शुरू होकर 12 अप्रैल तक चलने वाले इस बुक फेयर में हिंदी, अंग्रेजी और बांग्ला भाषा की विभिन्न पुस्तकों का विशाल संग्रह उपलब्ध है. स्कूली बच्चों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया है, ताकि नई पीढ़ी को किताबों से जोड़ा जा सके.

सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी होगा

बुक फेयर की थीम ‘फिरे देखा’ रखा गया है, जिसका उद्देश्य युवाओं को अतीत की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है. इसके साथ ही हर दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकारों के साथ कोलकाता के कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देंगे.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry