Bokaro Treasury Scam: 3 नहीं पूरे 4 करोड़ का हुआ फर्जीवाड़ा! बोकारो ट्रेजरी घोटाले में बड़ा खुलासा, हड़कंप

झारखण्ड

बोकारो: जिले में ट्रेजरी से एक दारोगा के वेतन मद में 3.15 करोड़ की निकासी मामले में नया खुलासा हुआ है. जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. 25 माह में 63 बार निकासी हुई, जिसके तहत 3 करोड़ 15 लाख से आंकड़ा बढ़कर 4 करोड़ 29 लाख 71 हजार 7 रुपया हो गया है. बोकारो एसपी ने इस बात की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और 25 माह से पहले हुई निकासी की भी जांच की जाएगी.

लेखापाल की पूछताछ के बाद हुआ खुलासा

दरअसल, एक दारोगा के वेतन मद में 3.15 करोड़ की निकासी का मामला सामने आया था. बोकारो एसपी ने इस संदर्भ में पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय सहित पुलिस उपाधीक्षक को जांच करने का निर्देश दिए. इसके बाद जांच के तहत लेखापाल कौशल कुमार पाण्डेय से वेतन मद में 3.15 करोड़ की निकासी के संदर्भ में पूछताछ की गई. शुरुआत में लेखापाल ने साफ तौर से इनकार कर दिया कि इस प्रकार का कोई मामला नहीं है और न ही विपत्र हस्ताक्षर कराकर ट्रेजरी भेजा गया है.

इसके बाद e-Kuber DDO Level Bill Management System, Govt. of Jharkhand पोर्टल पर जांच की गई. जांच करने पर पता चला कि SWN/POL/291 को वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में हवलदार उपेन्द्र सिंह के नाम से वेतन मद में कुल 25 माह (नवंबर 2023 से मार्च 2026 तक) में 63 बार में कुल 4,29,71,007 रुपये की फर्जी तरीके से खाता संख्या-42945898462 में निकासी की गई है.

लेखापाल की पत्नी के खाते में ट्रांसफर की गई थी राशि

जिसके बाद लेखापाल कौशल कुमार पाण्डेय से फिर पूछताछ की गई तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली. उन्होंने बताया कि हवलदार उपेन्द्र सिंह जुलाई माह के साल 2016 में सेवानिवृत हो चुके थे. पोर्टल में उनके जन्म तिथि एवं खाता संख्या को एडिट कर उनके नाम से विगत तीन वित्तीय वर्षों में उनके द्वारा 63 बार में कुल 4,29,71,007 रुपए की फर्जी तरीके से निकासी कर खाता संख्या-42945898462 में ट्रांसफर की गई. यह खाता उनकी पत्नी अनु पाण्डेय की है.

इस घटना के तहत लेखापाल कौशल कुमार पाण्डेय एवं अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया. साथ ही लेखापाल कौशल कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि आरोपी लेखपाल कौशल कुमार पाण्डेय 2018 से बोकारो में विभाग में कार्यरत है. जब उनसे पूछा गया कि क्या इस 25 महीने के जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा और पिछले साल की भी जांच की जाएगी तो उन्होंने कहा कि इसकी भी जांच की जानी है.

ट्रेजरी में पैसे निकालने को लेकर कई गड़बड़ियां हैं, जिन्हें ठीक करने की जरूरत है. इस पूरे प्रोसेस के लिए लेखापाल की ज़िम्मेदारी थी. लेखापाल के साइन के बाद ही DDO के साइन होती थी. इस बीच कई अधिकारियों को बदला भी गया है. बोकारो SP ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच के लिए एक कमेटी बनाई जा रही है.

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