Bishrampur Chakkajam: सुबह 6 से रात 10 बजे तक नो-एंट्री लागू करने की मांग, प्रशासनिक आश्वासन के बाद भी जारी है गतिरोध

छत्तीसगढ़

सूरजपुर। जिले के विश्रामपुर क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे कोयला और राखड़ (Fly Ash) के परिवहन को लेकर स्थानीय निवासियों और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। रिहायशी कॉलोनी के बीच से तय मानकों का उल्लंघन कर गुजर रही भारी गाड़ियों के विरोध में ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन की खबर मिलते ही जिला प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी लिखित आदेश पर तत्काल अमल करने की मांग पर अड़े रहे।

⚠️ स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा, पूर्व में मिले प्रशासनिक आश्वासन की खुली पोल

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रिहायशी इलाके और स्कूल मार्ग से दिन-रात गुजरने वाले राखड़ और कोयले के भारी ट्रकों के कारण दुर्घटनाओं का लगातार खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले महीने भी इस गंभीर समस्या को लेकर कलेक्टर और एसपी से मुलाकात की गई थी, जिस पर जिला प्रशासन ने सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक नो-एंट्री लागू करने का लिखित आश्वासन दिया था। इसके बावजूद नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और नो-एंट्री के दौरान भी भारी वाहनों की आवाजाही बदस्तूर जारी है।

🚨 नायब तहसीलदार की समझाइश भी बेअसर, मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक कॉलोनी मार्ग से भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद नहीं किया जाता और नो-एंट्री का सख्ती से पालन नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। उधर, मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आला अधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया गया है और जल्द ही बातचीत के जरिए रास्ते को खुलवाने व समस्या का स्थाई समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

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